स्थानीय नागरिक योगेश्वर सिंह राजू ने कहा कि एक मकान बनवाने में जिंदगी गुजर जाती है। अच्छे-अच्छे लोगों को अपनी पूरी गाढ़ी कमाई लगानी पड़ जाती है। यही हाल हमारे परिवार का भी है। पिता ने जमीन खरीदने के साथ मकान बनवाया था। लाचारी ऐसी कि आज उसी मकान को मजबूरी में तोड़वाना पड़ा रहा।
पुराने डिवाइडर को केंद्र मानते तो बच जाते मकान
स्थानीय नागरिक मोहम्मद रजा ने कहा कि अगर पुराने डिवाइडर को आधार मानकर सड़क चौड़ी की जाती तो उनका मकान बच जाता, लेकिन हमारी बात कोई सुनने वाला नहीं है। जब हमने मकान बनवाया तो अवैध नहीं था। विकास तो ठीक है पर हमारा तो आशियाना ही उजड़ गया।
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घर टूटता देखने वालों के चलते जाम लगा रहा
फलमंडी से लेकर टीपी नगर तक हाइवे के किनारे बने घरों में लोग तोड़फोड़ करने लगे हैं। सड़कों पर मलबा भी आ जा रहा है। बहुत सारे राहगीर खुद अपने मकान को तोड़ने का दृश्य देखकर रूक जा रहे हैं और जाम की स्थिति बन जा रही है। सोमवार की सुबह करीब दस बजे फलमंडी के पास सड़क पर तमाशबीन लोगों के चलते कुछ देर तक जाम लगा रहा। जाम में फंसे लोग समझ ही नहीं पाए कि माजरा क्या है। जब आगे बढ़े तब पता चला कि लोग अपना ही मकान तोड़ रहे हैं।