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Gorakhpur News: पाई-पाई जोड़ नींव रखवाई, आज गोरखपुर में मकान पर चलवा रहे हथौड़ा

Tue, 16 May 2023 01:54 PM IST
vivek shukla संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर।

सार

स्थानीय नागरिक मोहम्मद रजा ने कहा कि अगर पुराने डिवाइडर को आधार मानकर सड़क चौड़ी की जाती तो उनका मकान बच जाता, लेकिन हमारी बात कोई सुनने वाला नहीं है। जब हमने मकान बनवाया तो अवैध नहीं था। विकास तो ठीक है पर हमारा तो आशियाना ही उजड़ गया।
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पैडलेगंज से लेकर फिराक चौराहे तक बनने वाले फोरलेन के लिए अपना निर्माण खुद ही तोड़ने लगे है लोग। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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तकरीबन 31 वर्ष पहले शहर में एक छत हो जाए, इसके लिए पाई-पाई जोड़कर मोहम्मद रजा ने आशियाना खड़ा किया। परिवार के साथ रहने लगे। सब कुछ ठीक से चल रहा था, लेकिन पैड़लेगंज से नौसड़ सिक्स लेन बनने के बाद नाला बनाने की प्रक्रिया शुरू हुई तो बहुत सारे घर उसकी जद में आ गए। अब बच्चे खुद अपने सपनों के आशियाने पर हथौड़ा चलवा रहे हैं।

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टीपी नगर के पास रहने वाले 57 वर्ष के व्यापारी मोहम्मद रजा इस दर्द को सह रहे है। बीमारी के चलते डायलिसिस हो रहा है। बोलने में खांसी आने लगती है। बताया कि बाहर ईंट, पत्थर और मलबों के गिरने से धूल का गुबार उड़ता है। ऐसे में लाचारी के साथ इसी माहौल में बीमारी और प्रशासनिक व्यवस्था से लड़ने का प्रयास कर रहे हैं।

वे कहते हैं, पहले जो डिवाइडर था, उसे 75 फीट दोनों तरफ चौड़ा होना था, लेकिन अब सड़क के बाएं तरफ पुराने डिवाइडर से चार से पांच फिट हटते हुए नया डिवाइडर बनाया जा रहा। नए डिवाइडर से 75 फिट की दूरी नापने में मकान अवैध कब्जे में आ गया। कुछ स्थानीय लोगों का कहना है कि कुछ महीनों पहले डिवाइडर से नापते हुए मकान पर चिन्ह लगा दिया।
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निर्देश दिया कि अवैध कब्जे वाले खुद से अपने मकान के हिस्से को तोड़वा दें। प्रशासनिक स्तर पर तोड़ा जाएगा तो उनसे जुर्माना भी वसूला जाएगा। इसके बाद हम सभी 10 से 12 परिवार के लोगों ने प्रशासनिक अधिकारियों को अपने सभी प्रपत्र, रजिस्ट्री प्रमाण पत्र, खारिज- दाखिल के कागज दिखाए। पुराने डिवाइडर से 75 फिट के मानक के अनुसार सड़क चौड़ीकरण की बात कही, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। नतीजा है कि आज खुद से मकान तोड़वा रहे हैं।

 

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मकान बनवाने में जिंदगी गुजर जाती है, आज खुद तोडना पड़ रहा

स्थानीय नागरिक योगेश्वर सिंह राजू ने कहा कि एक मकान बनवाने में जिंदगी गुजर जाती है। अच्छे-अच्छे लोगों को अपनी पूरी गाढ़ी कमाई लगानी पड़ जाती है। यही हाल हमारे परिवार का भी है। पिता ने जमीन खरीदने के साथ मकान बनवाया था। लाचारी ऐसी कि आज उसी मकान को मजबूरी में तोड़वाना पड़ा रहा।

पुराने डिवाइडर को केंद्र मानते तो बच जाते मकान
स्थानीय नागरिक मोहम्मद रजा ने कहा कि अगर पुराने डिवाइडर को आधार मानकर सड़क चौड़ी की जाती तो उनका मकान बच जाता, लेकिन हमारी बात कोई सुनने वाला नहीं है। जब हमने मकान बनवाया तो अवैध नहीं था। विकास तो ठीक है पर हमारा तो आशियाना ही उजड़ गया।

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घर टूटता देखने वालों के चलते जाम लगा रहा
फलमंडी से लेकर टीपी नगर तक हाइवे के किनारे बने घरों में लोग तोड़फोड़ करने लगे हैं। सड़कों पर मलबा भी आ जा रहा है। बहुत सारे राहगीर खुद अपने मकान को तोड़ने का दृश्य देखकर रूक जा रहे हैं और जाम की स्थिति बन जा रही है। सोमवार की सुबह करीब दस बजे फलमंडी के पास सड़क पर तमाशबीन लोगों के चलते कुछ देर तक जाम लगा रहा। जाम में फंसे लोग समझ ही नहीं पाए कि माजरा क्या है। जब आगे बढ़े तब पता चला कि लोग अपना ही मकान तोड़ रहे हैं।




 
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