शहर में वाहन चलाते समय मोबाइल से बात करने वाले 4,99,000 रुपये का राजस्व देंगे। चार माह के भीतर वाहन चलाते हुए मोबाइल का प्रयोग करने पर पुलिस ने 576 लोगों का चालान काटा है। बिना सीट बेल्ट बांधे कार चलाने वाले 1987 वाहनों का चालान हुआ है, जिनके मालिकों से 8,95,000 का अर्थदंड लिया जाएगा। राह चलते हुए गलत तरीके से लेन बदलने वाले भी अपनी हरकत की कीमत चुकाएंगे। ऐसे कुल 4660 लोगों का चालान काटकर पुलिस ने 787000 रुपये के जुर्माने का मैसेज भेज दिया है।
इसे भी पढ़ें: एम्स में 83 वर्ष की महिला के चेहरे की हड्डी से निकाला गया ट्यूमर, डॉक्टरों ने खड़े कर दिए थे हाथ
यहां शराब पीकर वाहन नहीं चलाते लोग
शहर की सड़कों पर लोग शराब पीकर वाहन नहीं चलाते हैं। यह हम नहीं, यातायात पुलिस के आंकड़े कह रहे हैं। जनवरी से अप्रैल माह के अंत तक सिर्फ पांच लोग शराब पीकर गाड़ी चलाते हुए पकड़े गए। इनके खिलाफ 10,000 रुपये का जुर्माना लगा, जबकि तीन सवारी बैठकर बाइक पर चलने वाले 8993 लोगों का चालान काटकर पुलिस 673500 रुपये का चालान भेज चुकी है।
शहर के चौराहों पर सीसीटीवी कैमरे लगने और पुलिस के जागरूकता अभियान के बावजूद राजस्व की कमाई नहीं थम रही। एक जनवरी से लेकर 30 अप्रैल के बीच बिना हेलमेट बाइक चलाने वाले कुल 63928 का चालान काटकर 7130000 रुपये का जुर्माना यातायात पुलिस ने लगाया है।
एसपी ट्रैफिक डॉ. एमपी सिंह ने कहा कि गोरखपुर शहर में वाहनों की गति को नियंत्रित करने के लिए चालान काटकर जुर्माना वसूला जाता है। मोहद्दीपुर से पैडलेगंज और नौका विहार रोड पर स्पीड जांचने वाले कैमरे लगाए गए हैं। अन्य जगहों पर यातायात पुलिस जांच करके कार्रवाई करती है।