चकबंदी नहीं तो वोट नहीं का बैनर लगाकर मतदान का विरोध जताते लोग
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रामावतार विश्वकर्मा, रामकेरे सिंह पूर्व प्रधान, संतोष कुमार वर्तमान प्रधान, विदेशी सिंह ने बताया कि देश आजाद होने के बाद भी गांव में आज तक चकबंदी नहीं हुई, जिसके चलते ना नालियां बन पाई है ना सड़कें बना पाई हैं।
गांव में रहना दुश्वार हो गया है। चकबंदी के लिए 1959 में अधिसूचना जारी हुआ, जो 1961 में संपन्न हुआ तथा 1962 में धारा 45 पूर्ण हुआ परंतु उसके बाद आज तक चकबंदी प्रक्रिया पूरी नहीं की गई। ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन कर शीघ्र चकबंदी कराने की मांग की है।