गोरखपुर। चरगांवा और बसंतपुर गार्बेज ट्रांसफर स्टेशन जीटीएस का संचालन बुधवार सुबह पांच बजे दोबारा शुरू हो गया लेकिन मंगलवार से खड़ी कचरे से भरी गाड़ियों के दबाव के कारण व्यवस्था सामान्य नहीं हो सकी।इस वजह से लगातार दूसरे दिन 12 हजार से अधिक घरों से कचरा नहीं उठ सका।
पहले पुराने कचरे से लदी गाड़ियों का कचरा कैप्सूल में लोड कर सुथनी भेजा गया। इसके बाद खाली वाहन वार्डों में डोर-टू-डोर कचरा संग्रह के लिए रवाना हुए। दोनों जीटीएस पर पहले से खड़ी सैकड़ों गाड़ियों को खाली करने में काफी समय लगने से डोर-टू-डोर अभियान देर से शुरू हुआ।
चालकों और सुपरवाइजरों ने बताया कि मंगलवार से कचरा न उठने के कारण वार्डों के लोगों के लगातार फोन आ रहे थे और उन्हें जवाब देना मुश्किल हो रहा था। कई वाहन मंगलवार से ही कचरा लेकर जीटीएस और नगर निगम के विभिन्न स्टोरों पर खड़े रहे। कुछ बड़े वाहनों का कचरा देर रात अन्य स्थानों पर खाली कराया गया।
गौरतलब है कि मंगलवार को जेएस एनवायरो सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड ने मार्च से जून तक के करीब 3.08 करोड़ रुपये के बकाया भुगतान का हवाला देते हुए चरगांवा और बसंतपुर जीटीएस पर कचरा लेने से इनकार कर दिया था। इससे करीब 350 डोर-टू-डोर वाहन खाली नहीं हो सके और 50 हजार से अधिक घरों में कचरा संग्रह प्रभावित हुआ। नगर निगम का कहना है कि वित्तीय अनियमितताओं के आरोप में संबंधित का भुगतान रोका गया है। इस संबंध में चरगावां गार्बेज ट्रांसफर स्टेशन के प्रभारी विनय तिवारी ने बताया कि मंगलवार को प्लांट के मेंटनेंस के कारण कूड़ा नहीं लिया जा रहा था।