इस पूरे घटनाक्रम की पुष्टि के लिए अमर उजाला ने भरसक प्रयास किया कि सही तथ्य सामने आ सके। एंबुलेंस के रीजनल मैनेजर अक्षित गुप्ता से बात भी की गई। वे चाहते तो एक मिनट में लॉग बुक चेक कराके बता देते लेकिन न जाने क्यों गोलमोल जवाब देकर रह गए।
गोरखपुर के जिलाधिकारी के विजयेंद्र पांडियन ने बताया कि एडीएम से मामले की जांच कराई जाएगी। जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
सीएमओ डॉ श्रीकांत तिवारी ने बताया कि मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। अगर ऐसा हुआ है तो मामले की जांच कराई जाएगी। किसी को इस तरह दिक्कतें आ रही है, तो लोग मेरे सीयूजी नंबर-8005192660 पर संपर्क कर सकते हैं।
लखनऊ 108 एंबुलेंस के रीजनल मैनेजर अक्षित गुप्ता ने बताया कि मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। अगर ऐसा है तो जांच कराई जाएगी। क्योंकि 108 नंबर पर जो भी कॉल आते हैं, उस पर हमारी टीम तत्काल रिस्पांस करती हैं। तय समय के मुताबिक एंबुलेंस मरीजों के पास भेजा जाता है।