रेफर हो रहे न्यूरो सर्जरी के मरीज
बीआरडी मेडिकल कॉलेज के सुपर स्पेशियलिटी विभाग में मरीजों की अलग लिस्ट है। यहां पर ह्दय रोग विभाग को छोड़कर किसी अन्य मरीज का ऑपरेशन नहीं हो पा रहा है। कैथ लैब बनने के बाद एंजियोग्रॉफी और एंजियोप्लास्टी की सुविधा शुरू की गई है। इसके बाद भी प्रतिदिन तीन से चार मरीज लौटाएं जा रहे हैं। वहीं, न्यूरो सर्जरी के लिए ऑपरेशन थियेटर पूरी तरह से तैयार नहीं हुआ है। ऐसे में इसके मरीज रेफर किए जा रहे हैं।
बीआरडी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. गणेश कुमार ने कहा कि बीआरडी मेडिकल कॉलेज में प्रतिदिन पांच हजार के आसपास की ओपीडी है। सभी विभागों को मिलाकर 50 से अधिक ऑपरेशन प्रतिदिन होते हैं। इमरजेंसी में प्राथमिकता के आधार मरीजों का इलाज किया जा रहा है।
केस-एक
हादसे में कुशीनगर के आनंद कुमार (48) का कूल्हा सरक गया। इलाज के लिए बीआरडी मेडिकल कॉलेज आए। जांच में पता चला की ऑपरेशन करना होगा। बेड फुल होने का हवाला देते हुए उन्हें 10 दिन बाद ऑपरेशन के लिए बुलाया गया है।
केस- दो
खोराबार इलाके की प्रियंका नौ माह की गर्भवती हैं। शुरू से ही वह बीआरडी में जांच करा रही थी। प्रसव पीड़ा हुई तो वह बीआरडी पहुंचीं। डॉक्टरों ने जांच कर ऑपरेशन की सलाह दी। बेड खाली नहीं होने के कारण परिजन निजी अस्पताल लेकर चले गए।