बीआरडी मेडिकल कॉलेज में भर्ती मरीज की मौत एचआईवी संक्रमण की वजह से हुई थी। ट्रेन हादसे में पैर कटने की वजह से मरीज के शरीर से काफी खून निकल गया था। उस पर मरीज ओ निगेटिव ग्रुप का था। एचआईवी संक्रमित होने की वजह से मरीज की प्रतिरोधक क्षमता काफी हो गई थी। यही वजह है कि उसके शरीर में तमाम तरह के संक्रमण हो गए थे।
बीआरडी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. गणेश कुमार ने रविवार को बताया कि मामले की जानकारी संबंधित विभाग के डॉक्टरों से ली गई, जिसके बाद पता चला कि मरीज के शरीर में खून की काफी कमी थी। उन्होंने कहा कि ओ निगेटिव ब्लड ग्रुप होने की वजह से उसे कॉलेज के ब्लड बैंक से कई यूनिट ब्लड चढ़ाया गया था। एक्सपायर ब्लड की बात गलत है, जो ब्लड चढ़ाया जा रहा था। वह इलाज के पहले दिन से ही चढ़ रहा था।
मरीज का हड्डी रोग विभाग के डॉक्टरों ने दो बार ऑपरेशन कर उसके पैर के घाव को सुखा दिया था। दूसरी बार ऑपरेशन के दौरान शरीर से काफी खून निकल गया था। इस पर उसे बृहस्पतिवार को दिन में ब्लड दिया गया था। जबकि, मौत शुक्रवार रात हुई थी। एचआईवी संक्रमित होने की वजह से वह बीमारियों से लड़ नहीं सका।
यह था मामला
सहजनवां के रहने वाले एक व्यक्ति ने पुलिस को तहरीर देकर आरोप लगाया था कि मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों की लापरवाही से शुक्रवार को उसके भाई की मौत हो गई। आरोप था कि भाई को एक्सपायर ब्लड चढ़ा दिया गया था। विरोध करने पर मारा पीटा गया था।