अंकिता और उनके पति संदीप ने जब विरोध किया तो जूनियर डॉक्टर आग बबूला हो गए। मौके पर मौजूद जूनियर डॉक्टरों ने अन्य साथियों को बुलाकर संदीप को ड्यूटी रूम में ले जाकर बंद कर दिया। इसके बाद आधा दर्जन से अधिक जूनियर डॉक्टर कमरे में पहुंचकर लात, जूतों और बेल्ट से मारना शुरू कर दिया। अंकिता सिंह का आरोप है कि पति को कमरे में तब तक मारते रहे, जब तक वह अधमरा नहीं हो गए।
अंकिता ने बताया कि मारने के बाद मन नहीं भरा तो एक सादे कागज पर धमका कर अपने पक्ष में बात लिखवाने लगे और जबरन हस्ताक्षर करवाने लगे। इस दौरान एक भी शब्द गलती हो जाता था तो एक बेल्ट और एक लात मारते थे। हाथ जोड़कर निवेदन करती रही, लेकिन जूनियर डॉक्टर नहीं माने।
इसे भी पढ़ें: खोराबार टाउनशिप: EWS-LIG के फ्लैट के लिए ही आय प्रमाण पत्र जरूरी, यहां नहीं देना होगा दस्तावेज
अंकिता ने बताया कि पति को मारने के बाद जब उन्हें घसीटकर कमरे में ले जा रहे थे तो वीडियो बना रही थी। इस पर एक जूनियर डॉक्टर ने मोबाइल छीन लिया और पति को भेजवाने की धमकी देकर मोबाइल का लॉक खुलवाए और वीडियो डिलीट करके मोबाइल को फार्मेट मार दिया। सूचना पर पुलिस पहुंची तब जाकर जान बची। बताया जा रहा है कि अंकिता जेडीएस इंटरमीडिएट काॅलेज पड़रौना में शिक्षिका हैं।
मरीज की पत्नी अंकिता सिंह ने लिखित तहरीर पर गुलरिहा पुलिस डाक्टर अलका मीना समेत आठ अज्ञात जूनियर डॉक्टरों के खिलाफ धारा 147,323,504,506 व 342 आईपीसी में केस दर्ज कर ली है।