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Gorakhpur News: योगी के खिलाफ फर्जी केस दर्ज कराने पर परवेज को सजा और अर्थदंड भी

Thu, 08 Feb 2024 12:33 AM IST
रोहित सिंह अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।

सार

कूटरचित डीवीडी के आधार पर सीएम योगी समेत कई जनप्रतिनिधियों की छवि धूमिल करने के लिए केस दर्ज कराने वाले गोरखपुर के परवेज परवाज को बुधवार को कोर्ट ने अलग-अलग मामलों में सात साल व पांच साल की सजा सुनाई।
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परवेज परवाज। फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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कूटरचित डीवीडी के आधार पर सीएम योगी समेत कई जनप्रतिनिधियों की छवि धूमिल करने के लिए केस दर्ज कराने वाले गोरखपुर के परवेज परवाज को बुधवार को कोर्ट ने अलग-अलग मामलों में सात साल व पांच साल की सजा सुनाई। दोनों सजाएं साथ-साथ चलेंगी। परवेज को दुष्कर्म के एक मामले में पहले ही आजीवन कारावास की सजा हो चुकी है।

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राजघाट के तुर्कमानपुर निवासी परवेज ने तत्कालीन सांसद व वर्तमान में सीएम योगी आदित्यनाथ, पूर्व विधायक व वर्तमान में राज्यपाल शिवप्रताप शुक्ला और तत्कालीन विधायक व वर्तमान में भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. राधामोहन दास अग्रवाल समेत अन्य जनप्रतिनिधियों पर उत्तेजक भाषण देने का आरोप लगाते हुए केस दर्ज कराया था। सबूत के तौर पर उसने एक डीवीडी भी दी थी।

जब उस डीवीडी की फारेंसिक जांच हुई तो पता चला कि उसमें टैंपरिंग व एडिटिंग की गई है। कूटरचना की पुष्टि होने पर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट आदर्श श्रीवास्तव ने बुधवार को परवेज को कूटरचित दस्तावेज देने पर सात साल की सजा व दस हजार का जुर्माना और बदनाम करने के मामले में पांच साल की सजा व दस हजार रुपये का जुर्माना लगाया। अर्थदंड न देने पर परवेज को एक माह 15 दिन का कारावास अतिरिक्त भुगतना होगा।
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छेड़खानी की गई डीवीडी से फंसाने की कोशिश की थी परवेज ने
जनप्रतिनिधियों पर फर्जी डीवीडी के आधार पर केस कराने के मामले में परवेज परवाज को बुधवार को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट आदर्श श्रीवास्तव ने सात साल और पांच साल की सजा सुनाई।
अभियोजन पक्ष की ओर से वरिष्ठ अभियोजन अधिकारी संदीप सिंह व अभियोजन अधिकारी प्रत्युष कुमार दूबे का कहना था कि डाॅक्टर वाईडी सिंह (अब स्वर्गीय) ने प्रार्थना पत्र देकर केस दर्ज कराया था, जिसमें उनका कहना था कि वर्ष 2007 में इराक के तत्कालीन शासक सद्दाम हुसैन को फांसी दी गई थी। इसके बाद अभियुक्त परवेज परवाज के उकसाने पर अल्पसंख्यक समाज के लोगों ने उत्तेजक भाषण देते हुए जुलूस निकाला और बहुसंख्यक वर्ग के व्यापारिक प्रतिष्ठान पर पथराव किया।

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अभियुक्त ने मनगढ़ंत एवं काल्पनिक घटनाओं का जिक्र करते हुए गोरखपुर के तत्कालीन सांसद योगी आदित्यनाथ, नगर विधायक डाॅ. राधामोहन दास अग्रवाल, पूर्व मेयर श्रीमती अंजू चौधरी, पूर्व कैबिनेट मंत्री शिव प्रताप शुक्ल सहित वादी के विरुद्ध विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कराया था। विवेचना के दौरान परवेज परवाज ने एक उत्तेजक भाषण की डीवीडी विवेचक को उपलब्ध कराई, जिसे परीक्षण के लिए भेजा गया तो उसमें टैंपरिंग व एडिटिंग का पता चला।

अभियुक्त ने उसी टैंपरिंग व एडिटिंग की हुई डीवीडी के आधार पर जनप्रतिनिधियों की छवि धूमिल करने के लिए फर्जी केस दर्ज कराया गया था। डीवीडी के फर्जी होने की बात पुष्ट होने पर कोर्ट ने परवेज को सात साल और पांच साल की सजा सुनाई।

एसपी सिटी कृष्ण कुमार विश्नोई ने बताया कि पुलिस ऑपरेशन कनविक्शन के तहत इस केस की पैरवी कर रही थी। साक्ष्यों के साथ पुलिस की ओर से अभियोजन अधिकारी ने कोर्ट में पैरवी की। कोर्ट ने परवेज परवाज को सात साल और पांच साल की सजा व जुर्माना लगाया है। पुलिस का अभियान लगातार जारी रहेगा।
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