अभियुक्त ने मनगढ़ंत एवं काल्पनिक घटनाओं का जिक्र करते हुए गोरखपुर के तत्कालीन सांसद योगी आदित्यनाथ, नगर विधायक डाॅ. राधामोहन दास अग्रवाल, पूर्व मेयर श्रीमती अंजू चौधरी, पूर्व कैबिनेट मंत्री शिव प्रताप शुक्ल सहित वादी के विरुद्ध विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कराया था। विवेचना के दौरान परवेज परवाज ने एक उत्तेजक भाषण की डीवीडी विवेचक को उपलब्ध कराई, जिसे परीक्षण के लिए भेजा गया तो उसमें टैंपरिंग व एडिटिंग का पता चला।
अभियुक्त ने उसी टैंपरिंग व एडिटिंग की हुई डीवीडी के आधार पर जनप्रतिनिधियों की छवि धूमिल करने के लिए फर्जी केस दर्ज कराया गया था। डीवीडी के फर्जी होने की बात पुष्ट होने पर कोर्ट ने परवेज को सात साल और पांच साल की सजा सुनाई।
एसपी सिटी कृष्ण कुमार विश्नोई ने बताया कि पुलिस ऑपरेशन कनविक्शन के तहत इस केस की पैरवी कर रही थी। साक्ष्यों के साथ पुलिस की ओर से अभियोजन अधिकारी ने कोर्ट में पैरवी की। कोर्ट ने परवेज परवाज को सात साल और पांच साल की सजा व जुर्माना लगाया है। पुलिस का अभियान लगातार जारी रहेगा।