बैंकॉक में रहने वाले पन्नेलाल यादव की बेटियों का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है। इस वीडियो में वो बोल रही हैं कि पापा के कहने पर अनीता दीदी के खाते में रुपये भेजे थे। एनआईए सूत्रों की मानें तो उनके सामने भी दोनों ने अनीता के नाम को स्वीकार किया है।
एनआईए की जांच के बीच बैंकॉक के पन्नेलाल यादव की बेटियों ने यह माना है कि पापा के कहने पर अनीता दीदी के खाते में रुपये भेजे थे। एनआईए के पास भी पूरी पुख्ता जानकारी है कि अनीता और बैंकॉक में रहने वाले पन्नेलाल यादव एक दूसरे को बेहतर ढंग से जानते हैं। इसी वजह से बातचीत में पन्ने की बेटी ने अनीता को दीदा बोलते हुए अपनी बात कही।
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एनआईए सूत्रों की मानें को मामले में अनीता ही संदिग्ध है। पाकिस्तान को सुचनाएं देने के बगले अनीता के खाते में पाक से भी रुपये भेजे गए थे। इसी खाते में गोरखपुर से 15 हजार रुपये भेजे जाना पर एनआईए की टीम 12/2025 एनआईए एक्ट में दर्ज केस की जांच करने गोरखपुर पहुंची थी।
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पहलगाम आतंकी हमले के बाद एनआईए ने जांच तेज की तो दिल्ली में एक संदिग्ध पकड़ा गया। एजेंसी को शक है कि इसी शख्स ने पाकिस्तानी खुफिया विभाग को गोपनीय सूचनाएं उपलब्ध कराई थीं। यह भी कि अनीता इस शख्स की खास है। अनीता के खाते में भी पाकिस्तान से भी रुपये आए थे।
उसके खाते में गोरखपुर से भी रकम भेजी गई थी। जांच एजेंसी के सूत्रों की मानें तो सूचनाएं देने के बदले उसे पाकिस्तान से तय रकम के तहत रुपये भेजे जाते थे। जैसे, छोटी जानकारी देने पर तीन हजार और बड़ी जानकारी देने पर 10 हजार रुपये उसके किसी नजदीकी के खातों में भेजा जाता था।
सूत्रों का यह भी कहना है कि गिरफ्तार आरोपी के रिश्तेदार या खास अनीता के खाते में तारामंडल के पन्ना यादव के बेटों की तरफ से रुपये भेजे गए थे। सूत्रों ने बताया कि बीते 6 जून को गिरफ्तारी के बाद आरोपी के मोबाइल और अन्य डिटेल से अनीता और गोरखपुर के पन्ना यादव के नेटवर्क का कहानी सामने आई।
अब एनआईए यह जांच कर रही है कि आखिर इनका संपर्क कैसे हुआ था। एनआईए की टीम ने गिरफ्तारी के बाद से अपनी जांच में पाया कि गिरफ्तार आरोपी 2023 से ही पाकिस्तान के साथ राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी खुफिया डिटेल शेयर कर रहा था।
इसके बदले उसे अलग-अलग तरीकों से पैसे भी मिल रहे थे। सूत्रों ने बताया कि किसी खास जानकारी के लिए 10 से 12 हजार रुपये तक उसे भेजे जाते थे। इन रुपयों को वह अपने अलावा दूसरे खातों में मंगवाता था।