इनको सौंपी गई है जिम्मेदारी
सीएमओ डॉ आशुतोष कुमार दुबे ने बताया कि कुल छह एसीएमओ की तीन टीमें बनाई गई हैं। सभी को अलग-अलग प्लांटों की जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इनमें डॉ एएन प्रसाद, डॉ गणेश यादव को बड़हलगंज, बांसगांव, हरनही, पिपरौली, सहजनवां, डॉ एके प्रसाद और डॉ विनय पांडेय को चौरी-चौरा, 100 बेड टीबी अस्पताल, एम्स, जिला अस्पताल, डॉ नंद कुमार और डॉ एके चौधरी को कैंपियरगंज, चरगांवा, जिला महिला अस्पताल, बीआरडी मेडिकल कॉलेज और रेलवे अस्पताल में लगे प्लांटों की जांच करनी है।
इन स्थानों पर तैयार हो गए ऑक्सीजन
- बीआरडी मेडिकल कॉलेज- 1000 एलएमपी (लीटर प्रति मिनट)- 1000 बेड
- जिला अस्पताल- 1960- बेड- 305
- महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय में- 600- बेड-200
- चौरीचौरा सीएचसी- 500- बेड-50
- 100 बेड टीबी अस्पताल- 400- बेड-100
- कैंपियरगंज सीएचसी- 300- बेड- 60
- हरनही सीएचसी- 300- बेड-50
- एम्स- 400- बेड-100
- होम्योपैथी मेडिकल कॉलेज बड़हलगंज- 300- बेड-100
- सहजनवां सीएचसी- 333- बेड-30
- चरगांवा सीएचसी- 250-बेड- 30
- पिपरौली सीएचसी- 333- बेड-30
- महिला अस्पताल- 1000- बेड-200
- बासगांव सीएचसी- 166-बेड- 30
सीएमओ डॉ आशुतोष दुबे ने कहा कि कोरोना की संभावित तीसरी लहर से पहले 15 तैयार हो चुके हैं। इनकी जांच की जा चुकी है। डीएम के निर्देश के बाद फिर से एसीएमओ प्लांट की जांच करेंगे। दो दिनों के अंदर जांच कर रिपोर्ट मांगी गई है।