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डीडीयू : देवरिया के तीन कॉलेजों पर कार्रवाई की लटकी तलवार

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गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय से संबद्ध देवरिया जिले के तीन महाविद्यालयों पर कार्रवाई की तलवार लटक गई है। यह मामला छात्रों की परीक्षा के विलंब शुल्क से जुड़ा है। डीडीयू प्रशासन ने तीनों कॉलेजों को नोटिस भेजकर बकाए का कुल 57.62 लाख रुपये मांगा है। भुगतान न करने पर कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।
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बताया जा रहा है कि यह मामला सत्र 2025-26 के विषम सेमेस्टर का है। बीआरडी पीजी कॉलेज, देवरिया, मदन मोहन मालवीय पीजी कॉलेज, भाटपाररानी, एपी गुप्ता एवं गीता देवी महाविद्यालय ने दिसंंबर-जनवरी 2025-26 में हुई विषम सेमेस्टर परीक्षाओं में समय से अपने छात्र-छात्राओं का फॉर्म पूरित नहीं किया।
इन कॉलेजों के आग्रह पर अंतिम समय में प्रावधान के अनुसार 2000 रुपये प्रति छात्र विलंब शुल्क के साथ परीक्षा फॉर्म पूरित किए जाने का आदेश डीडीयू प्रशासन ने दिया था। संबंधित कॉलेजों के छात्रों ने परीक्षा दी लेकिन विलंब शुल्क जमा नहीं करने के उनके परिणाम रोक दिए गए। इस प्रकरण में छात्रों के स्तर से कोई चूक नहीं पाई गई, इस वजह से बाद में परिणाम जारी करना पड़ा। हालांकि कॉलेजों की ओर से विलंब शुल्क अब तक जमा नहीं किया गया है।
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इस कॉलेज पर इतना बकाया
प्रति छात्र 2000 रुपये विलंब शुल्क के हिसाब से मदन मोहन मालवीय पीजी कॉलेज पर सर्वाधिक 42,84,000 रुपये बकाया है। बीआरडी पीजी कॉलेज पर 14,14,000 रुपये का बकाया है। एपी गुप्ता एवं गीता देवी महाविद्यालय पर 64 हजार रुपये बकाया है।

कार्य परिषद से नियमानुसार कार्यवाही को मंजूरी
बताया जा रहा है कि विलंब शुल्क भुगतान के लिए इन कॉलेजों को पत्र लिखा गया लेकिन भुगतान नहीं हुआ। इसके बाद इस पूरे मामले की आख्या परीक्षा नियंत्रक डॉ. कुलदीप सिंह ने तैयार की। बीते तीन जून को उस आख्या को कार्य परिषद में रखा गया। कार्य परिषद ने स्पष्ट किया कि विलंब शुल्क के संबंध में नीतिगत निर्णय पहले ही लिए जा चुके हैं। इसलिए विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से अपने स्तर से नियमानुसार कार्यवाही करना उचित होगा।


बोलीं कुलपतितीनों कॉलेजों पर विलंब शुल्क का कुल लाखों रुपये का बकाया है। कार्य परिषद ने नियमानुसार कार्यवाही के लिए कहा है। इसे देखते हुए संबंधित कॉलेजों को फिर से नोटिस जारी किया गया है।
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- प्रो. पूनम टंडन, कुलपति, डीडीयू
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