गोरखपुर। महायोगी गुरु गोरखनाथ आयुष विश्वविद्यालय के निर्माण कार्य में तय समय सीमा के बाद भी प्रगति न होने पर ठेकेदार विजय के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता ने निर्माण कार्य में विलंब, बार-बार नोटिस के बावजूद काम पूरा न करने और शिकायत पर धमकी देने का आरोप लगाया है। पुलिस ने तहरीर के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है।
आयुष विश्वविद्यालय के निर्माण का कार्य वर्ष 2021 में ईपीसी मोड के तहत विजय निर्माण कंपनी प्राइवेट लिमिटेड बंगलौर को आवंटित किया गया था। अनुबंध के अनुसार परियोजना को नवंबर 2024 तक पूरा किया जाना था। बाद में कार्य की अवधि बढ़ाकर फरवरी 2026 तक कर दी गई लेकिन 15 जून 2026 तक भी निर्माण कार्य पूरा नहीं हो सका।
पीडब्ल्यूडी के सहायक अभियंता दिनेश कुमार शर्मा के मुताबिक, परियोजना के तहत प्रशासनिक भवन, शैक्षणिक भवन, अस्पताल विंग, छात्रावास, गेस्ट हाउस, कुलपति आवास, टाइप-1 से टाइप-5 आवास, फैसिलिटी सेंटर, पुलिस चौकी, बॉयज एवं गर्ल्स हॉस्टल, ऑडिटोरियम, डबल कॉटेज, मर्चरी, ईएसएस, एसटीपी, यूजीसी समेत अन्य बाह्य विकास कार्यों का निर्माण होना है।
एसपी सिटी निमिष पाटील का का कहना है कि गुलरिहा पुलिस ने विजय निर्माण कंपनी प्राइवेट लिमिटेड के ठेकेदार विजय के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है।