गोरखपुर। जिले के 32 परीक्षा केंद्रों पर शनिवार को शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) एक ही पाली में सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। परीक्षा देकर बाहर निकले अधिकांश अभ्यर्थियों का कहना था कि प्रश्नपत्र का स्तर सामान्य रहा लेकिन गणित, पर्यावरण और संस्कृत के प्रश्नों ने सबसे अधिक परेशान किया। वहीं बाल विकास, हिंदी और अंग्रेजी के प्रश्न अपेक्षाकृत आसान रहे।
अंतिम दिन कुल 13,558 पंजीकृत परीक्षार्थियों में 11,036 परीक्षा में शामिल हुए, जबकि 2522 ने परीक्षा छोड़ दी। इस प्रकार परीक्षा में लगभग 81 प्रतिशत उपस्थिति दर्ज की गई। कई परीक्षार्थियों ने बताया कि गणित के सवाल हल करने में काफी समय लगा, जिससे अन्य प्रश्नों के लिए समय कम बचा। परीक्षा को लेकर प्रत्येक परीक्षा केंद्र सेक्टर मजिस्ट्रेट के साथ स्टेटिक मजिस्ट्रेट तैनात रहे। सभी केंद्र पर पर्याप्त मात्रा में पुलिस बल तैनात रहे। किसी भी केंद्र से किसी भी प्रकार की दिक्कत नहीं हुई।
बोले परीक्षार्थी
पेपर का स्तर सामान्य था लेकिन गणित के प्रश्न उम्मीद से ज्यादा कठिन थे। कई सवालों को हल करने में काफी समय लग गया, जिससे समय प्रबंधन करना मुश्किल हो गया।
- अर्चना पटेल
गणित के अधिकांश सवाल सीधे नहीं थे। उन्हें समझने और हल करने में काफी सोच-विचार करना पड़ा। आसान प्रश्नों की तुलना में यह भाग ज्यादा चुनौतीपूर्ण लगा। - सीमा राजभर
गणित के प्रश्नों में ज्यादा समय लगने के कारण अंतिम समय में जल्दबाजी करनी पड़ी। यदि समय थोड़ा और मिलता तो पेपर बेहतर तरीके से पूरा हो सकता था।
- तोसी
भिन्न और गणना से जुड़े सवालों ने सबसे ज्यादा उलझाया। कुछ प्रश्न ऐसे थे जिन्हें हल करने में बार-बार दोबारा सोचना पड़ा।
- गीता सिंह
पर्यावरण और संस्कृत के कई प्रश्न सामान्य तैयारी से अलग थे। शिक्षण विधि के कुछ सवाल भी कठिन लगे, जिनमें विकल्प चुनना आसान नहीं था।
- जनार्दन
बाल विकास, हिंदी और अंग्रेजी के प्रश्न अपेक्षाकृत सरल रहे लेकिन गणित और पर्यावरण ने पूरे प्रश्नपत्र का स्तर कठिन बना दिया।
- हरिकेश प्रजापति