गोरखपुर। लॉरेंस बिश्नोई गिरोह से जुड़े असलहा तस्करी के मामले में एसटीएफ ने अपनी फर्द में 31 लोगों को आरोपी बनाया है। इनमें पांच को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है, जबकि 26 की तलाश में टीमें बिहार, मध्य प्रदेश, हरियाणा व गोरखपुर के अलावा कुशीनगर और महराजगंज में दबिश दे रही हैं।
एसटीएफ प्रभारी सत्यप्रकाश सिंह की तहरीर पर कैंट थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है। कैंट पुलिस भी जांच में जुटी है। एसटीएफ की टीम ने सोमवार रात विंध्यवासिनी पार्क के पास से लॉरेंस बिश्नोई गिरोह से जुड़े पांच असलहा तस्करों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। जेल भेजे गए आरोपियों में श्रेयांश यादव उर्फ बबलू, अजीत यादव, अभिषेक गौड़ उर्फ भेली, अभिषेक प्रजापति उर्फ अभी और राहुल गुप्ता शामिल हैं।
पकड़े गए आरोपियों ने पूछताछ में गिरोह के 26 अन्य गुर्गों के नाम बताए। जिसमें बिहार के बेतिया निवासी शशांक पांडेय, मध्य प्रदेश के देवेंद्र सक्सेना और हरियाणा के सुमित कुमार दिलावर समेत गोरखपुर और आसपास के जिलों के लोग शामिल हैं।
एसटीएफ प्रभारी सत्यप्रकाश सिंह ने बताया कि प्रकाश में आए आरोपियों में शशांक पांडेय की तलाश में एसटीएफ की एक टीम उसके बिहार स्थित पैतृक गांव पहुंची है। टीम उसके पुराने संपर्कों और गोरखपुर में रहने के दौरान जुड़े लोगों के बारे में जानकारी जुटा रही है।
वहीं, तीन अन्य टीमें शहर और आसपास के जिलों में संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। इसके साथ ही शशांक समेत अन्य आरोपियों के सोशल मीडिया अकाउंट भी खंगाल रही है। इंस्टाग्राम और दूसरे प्लेटफॉर्म पर उनकी गतिविधियों व संपर्कों की पड़ताल की जा रही है। डिजिटल साक्ष्यों से आरोपियों के बीच संपर्क की कड़ियां जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। फरार आरोपियों की तलाश में एसटीएफ की टीमें बिहार, मध्य प्रदेश और हरियाणा के साथ गोरखपुर, कुशीनगर और महराजगंज में दबिश दे रही हैं।