महराजगंज के जिला अस्पताल में ऑर्थोसर्जन की मांग होने पर गोरखपुर जिले में तैनात हड्डीरोग विशेषज्ञों को तबादले का डर सता रहा है। जिले के अधिकतर ऑर्थोपेडिक और ऑर्थोसर्जन के किसी न किसी कारण से छुट्टी पर चले जाने को स्वास्थ्य विभाग के जानकार इसी रूप में देख रहे हैं।
महराजगंज के सरकारी अस्पताल में स्थायी ऑर्थो सर्जन की तैनाती के लिए, वहां के सीएमओ ने एडी हेल्थ को पत्र लिखा है। जनपद की जरूरत के मद्देनजर एडी हेल्थ ने गोरखपुर सहित मंडल के अन्य जिलों में तैनात हड्डी रोग विशेषज्ञों की जानकारी बटोरनी शुरू की। इसकी भनक लगते ही गोरखपुर के सरकारी अस्पताल में तैनात दो हड्डी रोग विशेषज्ञ सिक लीव पर चले गए। उनके साथ ही सीएचसी पर तैनात एक ऑर्र्थोसर्जन भी अवकाश पर चले गए।
जिला अस्पताल के एक चिकित्सक ने मां की तबीयत बिगड़ने के कारण छुट्टी ले ली है। वर्तमान में जिला अस्पताल में हड्डी रोग की ओपीडी में कोई डॉक्टर ही नहीं है। उधर मंडल के दूसरे जिलों में भी हड्डी रोग विशेषज्ञ में महराजगंज जाने से बचने की जुगत लगा रहे हैं। हांलाकि, एडी हेल्थ के हुक्म पर देवरिया के एक ऑर्थोपेडिक सर्जन महराजगंज जाने को तैयार हुए हैं। उनके इस फैसले से मंडल के सरकारी अस्पतालों में तैनात दूसरे ऑर्थो सर्जन राहत महसूस कर रहे हैं।
दिव्यांग बोर्ड में नहीं हो रहा था काम
महाराजगंज जिले में एक भी हड्डी रोग विशेषज्ञ नहीं होने के कारण वहां के दिव्यांगों का दिव्यांग प्रमाण पत्र नहीं बन पा रहा था। दिव्यांग बोर्ड में ऑर्र्थोसर्जन न होने से बोर्ड की बैठक भी नहीं हो पा रही थी।
एडी हेल्थ डॉ. रमेश गोयल ने बताया कि महराजगंज में आर्थोसर्जन की दरकार है। वहां पर देवरिया से एक डॉक्टर को तैनात किया जा रहा है। गोरखपुर के अस्पताल में तीन डॉक्टर हैं। उनमें से दो बीमार हैं।