कार्यक्रम का संचालन जिला पंचायत राज अधिकारी हिमांशु शेखर ठाकुर ने किया। उन्होंने कहा कि इस कार्य में कोई समस्या आए तो पंचायती राज विभाग से संपर्क करें। सभी कैमरों का नियंत्रण कक्ष पंचायत भवन या नजदीकी भवन में होगा। एडीजी एवं कमिश्नर ने प्रधानों के सवालों के जवाब भी दिए।
पंचायत में लगे कंप्यूटर के जरिए होगा भुगतान
कार्यशाला में प्रधानों को बताया गया कि सीसीटीवी कैमरा हो या सड़क, नाली, अब हर तरह के कार्य के लिए भुगतान पंचायत कार्यालय में लगाए गए कंप्यूटर के माध्यम से ही होगा। पहले प्रधान किसी भी कंप्यूटर से भुगतान कर लेते थे। पारदर्शिता के लिए नई व्यवस्था लागू की गई है। इसके लिए पंचायत गेट वे एप विकसित किया गया है।
इसी के माध्यम से भुगतान किया जाएगा। कार्यशाला में प्रधानों को इस एप के माध्यम से भुगतान के लिए प्रशिक्षित किया गया। इसके माध्यम से भुगतान करने पर यह पता चल जाएगा कि भुगतान पंचायत कार्यालय के कंप्यूटर से ही किया गया है। ऐसे में कोई प्रधान-सचिव नई व्यवस्था की अनदेखी नहीं कर सकेगा।