गोरखपुर। बीआरडी मेडिकल कॉलेज में हृदय रोगियों को बड़ी राहत देने की तैयारी शुरू हो गई है। मेडिकल कॉलेज में कार्डियक सर्जन की कमी दूर करने के लिए संविदा आधार पर विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। प्रस्ताव को जल्द स्वीकृति मिलने की संभावना है।
वर्तमान में मेडिकल कॉलेज में कैथ लैब जैसी आधुनिक सुविधा उपलब्ध है लेकिन स्थायी कार्डियक सर्जन न होने के कारण ओपन हार्ट सर्जरी शुरू नहीं हो पा रही है। स्थायी विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति नहीं हो पाने से लंबे समय से यह योजना प्रभावित रही। अब कांट्रैक्ट पर कार्डियक सर्जन आने के बाद हार्ट ब्लॉकेज, एंजियोप्लास्टी, गंभीर जांच और जटिल हृदय ऑपरेशन एक ही परिसर में संभव हो सकेंगे।
इस सुविधा के शुरू होने से पूर्वी उत्तर प्रदेश के साथ सीमावर्ती नेपाल और बिहार के मरीजों को भी राहत मिलेगी। अभी गंभीर मरीजों को इलाज के लिए पीजीआई जैसे बड़े संस्थानों का रुख करना पड़ता है। इससे समय और खर्च दोनों बढ़ जाता है। अब मरीजों को यहीं पर यह सुविधा मिल सकेगी।
प्राचार्य डॉ. रामकुमार जायसवाल ने बताया कि इस संबंध में शासन स्तर पर चर्चा हो चुकी है। कार्डियक सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है।