निर्माण खंड भवन अधिशासी अभियंता अनिल कुमार ने कहा कि आयुष विश्वविद्यालय का निर्माण निजी कंपनी विजय करा रही है। समय से कार्य नहीं कराने पर पहले उसे नोटिस दिया गया। फिर भी कार्य की रफ्तार नहीं बढ़ी तो एक करोड़ रुपये की पेनाल्टी लगाई गई। इसके बाद भी सुधार नहीं हुआ तो एक करोड़ दस लाख रुपये की पेनाल्टी करने के लिए चीफ के पास स्वीकृति के लिए भेजा है। कार्य में शिथिलता बर्दास्त नहीं की जाएगी।
महायोगी गुरु गोरखनाथ आयुष विश्वविद्यालय में नए साल में ओपीडी शुरू होने की बात कही जा रही थी, लेकिन यह अभी तक शुरू नहीं हो सकी है। बताया जा रहा है कि ओपीडी संचालन के लिए काम करा रही संस्था ने 10 कमरे का फैसलिटी सेंटर बनवा दिया है, लेकिन उसमें कुछ काम अधूरे रह गए हैं। ऐसी स्थिति में ओपीडी का संचालन नहीं हो पा रहा है। हालांकि ओपीडी के संचालन के लिए विश्वविद्यालय ने तैयारी कर रखी है।
आयुष विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. एके सिंह ने बताया कि ओपीडी के लिए पूरी तैयारी है। आठ आयुर्वेद, एक होम्योपैथी और एक यूनानी की ओपीडी चलाई जानी है। शुभारंभ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों होना है। उम्मीद है कि फरवरी के पहले सप्ताह में ओपीडी शुरू करा दी जाएगी।