कॉलेजों को भी उपलब्ध कराया जाएगा कंटेंट, विद्यार्थियों की होगी क्षमता वृद्धि
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में चार वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रम में एबिलिटी एन्हांसमेंट कोर्स (क्षमता संवर्धन पाठ्यक्रम) और स्किल एन्हांसमेंट कोर्स (कौशल संवर्धन पाठ्यक्रम) शामिल किया गया है। इन दोनों पाठ्यक्रमों के लिए विश्वविद्यालय ऑनलाइन कंटेंट उपलब्ध कराएगा। यह विश्वविद्यालय के साथ कॉलेज के छात्रों को भी मिलेगा।
स्नातक के विद्यार्थी इस सत्र से वोकेशनल और को-करिकुलर नहीं स्किल एवं एबिलिटी एन्हांसमेंट कोर्स पढ़ेंगे। इसके अंतर्गत पहले सेमेस्टर में भारतीय ज्ञान प्रणाली, दूसरे में सह-पाठ्यक्रम (जैसे खेल, एनसीसी, एनएसएस), तीसरे में भारतीय भाषाएं और चौथे सेमेस्टर में सामयिक महत्व के विषय पढ़ाए जाएंगे। इसके लिए पहले से कोई पठन-पाठन सामग्री उपलब्ध नहीं थी। इसलिए कॉलेजों की मांग थी कि कंटेंट उपलब्ध कराया जाए।
ऑनलाइन क्लास की भी तैयारी
क्षमता और कौशल संवर्धन पाठ्यक्रमों के लिए विश्वविद्यालय पहले वीडियो और ऑनलाइन कंटेंट उपलब्ध कराएगा। इसके बाद ऑनलाइन कक्षाएं भी संचालित हो सकती हैं। नाथपंथ और दीनदयाल उपाध्याय से जुड़े ऑनलाइन कंटेंट पहले से ही विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर मौजूद हैं।
पहले दो साल तक पढ़ना होगा कोर्स
पाठ्यक्रम का हिस्सा होने की वजह से विश्वविद्यालय ने पहले चार सेमेस्टर में क्रमशः दो और तीन क्रेडिट्स के एबिलिटी एन्हांसमेंट कोर्स (एईसी) और स्किल एन्हांसमेंट कोर्स (एसईसी) पेश किए हैं। एसईसी पहले तीन सेमेस्टर तो एईसी को पहले चार सेमेस्टर में पढ़ना होगा। इन पाठ्यक्रमों का उद्देश्य छात्रों की क्षमता और कौशल को बढ़ाना व उन्हें रोजगार के लिए तैयार करना है।
एनईपी 2020 के तहत चार वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रम में एबिलिटी और स्किल एन्हांसमेंट कोर्स शामिल किए गए हैं। इसके लिए ऑनलाइन कंटेंट उपलब्ध कराया जाएगा। इससे विश्वविद्यालय परिसर के अलावा कॉलजों के भी विद्यार्थी लाभान्वित होंगे।
- प्रो. पूनम टंडन, कुलपति