महायोगी गोरखनाथ विवि के तृतीय स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में साप्ताहिक समारोह की व्याख्यानमाला का पांचवां दिन
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर।
देश कुछ साल पहले तक दवाओं के मामले में विदेशों पर निर्भर था, लेकिन हाल के वर्षों में उल्लेखनीय प्रगति के चलते अब देश आयातक की बजाय निर्यातक की भूमिका में है। फार्मास्युटिकल के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश में तेजी से बदलाव हो रहा है। उत्तर प्रदेश आने वाले समय में फार्मा हब बनकर उभरेगा।
ये बातें महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय के तृतीय स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित साप्ताहिक समारोह के तहत व्याख्यानमाला के पांचवें दिन मुख्य वक्ता भारत सरकार के पूर्व औषधि महानियंत्रक एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सलाहकार डॉ. जीएन सिंह ने कहीं। उन्होंने फार्मास्युटिकल कंपनी रैनबैक्सी की उपलब्धियों की चर्चा करते हुए बताया कि इस कंपनी के संस्थापक रणबीर सिंह और गुरबख्श सिंह ने 10 वर्षों के कठोर अनुसंधान के बाद भारत को विदेशी फार्मूलेशन पर निर्भरता से मुक्त कराया। पहले जहां हमें अपनी आवश्यकताओं के लिए फार्मूलेशन का आयात करना पड़ता था, वहीं रैनबैक्सी के अनुसंधान के कारण हम अपने फार्मूलेशन को अमेरिका तक निर्यात कर रहे हैं।
डॉ. सिंह ने फार्मेसी के छात्रों को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए प्रेरित किया और उन्हें फार्मास्युटिकल के क्षेत्र में नए मापदंड स्थापित करने के लिए उत्साहित किया। उन्होंने छात्रों को मेहनत और समर्पण के साथ अपने लक्ष्य की ओर अग्रसर होने का संदेश दिया, जिससे भारत को फार्मेसी के क्षेत्र में विश्व स्तर पर और ऊंचाइयों तक पहुंचाया जा सके।
इस अवसर पर महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय के कुलपति मेजर जनरल डॉ. अतुल वाजपेयी ने भी वैश्विक स्तर पर भारत की फार्मा प्रगति पर प्रकाश डाला। आभार ज्ञापन औषधि विज्ञान संकाय के प्रमुख डॉ. शशिकांत सिंह ने किया।
इस अवसर पर महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. प्रदीप कुमार राव, महंत दिग्विजयनाथ चिकित्सालय के निदेशक डॉ. राजेश बहल, आयुर्वेद कालेज के प्राचार्य डॉ. मंजूनाथ एनएस, कृषि विज्ञान संकाय के अधिष्ठाता डॉ. विमल कुमार दुबे, डॉ. अभिषेक कुमार सिंह, प्रवीन कुमार सिंह, दिलीप मिश्रा, दीपक कुमार, जूही तिवारी, श्रेया मद्धेशिया, पीयूष आनंद समेत कई शिक्षक और समस्त विद्यार्थी उपस्थित रहे।