मोबाइल में चलने वाली सिक्योरिटी सॉफ्टवेयर का व्यवसाय करने का झांसा देकर गोरखपुर के दो लोगों ने एक लाख रुपये की ठगी कर ली। आरोप है कि दोनों लोगों ने बस्ती जिले के कोतवाली क्षेत्र के अस्पताल चौराहा स्थित मोबाइल के दुकानदार को झांसा दिया। जिसके बाद उससे एक लाख रुपये अपने खाते में जमा करा लिया। माल की सप्लाई तो दी लेकिन उसे एक्टिवेट नहीं किया, जिसके कारण ग्राहकों ने उस सॉफ्टवेयर को नहीं खरीदा। तहरीर के आधार पर कोतवाली पुलिस एंटी सॉफ्टवेयर बेचने के इस मामले में दोनों लोगों के खिलाफ मुकदमा कायम किया है।
शहर कोतवाली के टीबी अस्पताल परिसर निवासी साबिर अली ने तहरीर देकर आरोप लगाया है कि गोरखपुर के मनीष अरोरा ने उन्हें एंटी सॉफ्टवेयर बेचने के बारे में बताकर उनसे एक लाख रुपये एक खाते में ट्रांसफर करा लिया। वादा किया कि इस सॉफ्टवेयर की काफी डिमांड है। एक लाख रुपये का माल दो-तीन महीने में दो लाख रुपये में बिक जाएगा।
उन लोगों ने सॉफ्टवेयर बेचवाने का भी वादा किया था। आरोप है कि इन लोगों ने जो सॉफ्टवेयर दिया वह एक्टीवेट नहीं था। इसके बारे में जब पूछताछ कि तो अपशब्दों का प्रयोग करते हुए जानमाल की धमकी दी। बाद में मोबाइल बंद कर लिया। काफी प्रयास के बाद साबिर पुलिस ने मनीष अरोरा व कंपनी के सुपर स्टॉकिस्ट का दोबारा नंबर हासिल किया लेकिन दोनों ने उसके साथ अभद्रता करते हुए धमकी दी। कोतवाल राधेश्याम राय ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर जांच की जा रही है।