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विजयदशमी 2024: कल से शनिवार तक विशिष्ट अनुष्ठान व आराधना में लीन रहेंगे CM योगी, पखारेंगे कन्याओं के पांव

Wed, 09 Oct 2024 05:14 PM IST
रोहित सिंह अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर

सार

शारदीय नवरात्र की प्रतिपदा को गोरक्षपीठाधीश्वर ने गोरखनाथ मंदिर के शक्तिपीठ में कलश स्थापना की थी। इसके बाद के नियमित नवरात्र पूजन के अनुष्ठान उनके प्रतिनिधि के रूप में गोरखनाथ मंदिर के प्रधान पुजारी योगी कमलनाथ द्वारा किए जा रहे हैं। अष्टमी की तिथि के मान से लेकर विजयादशमी तक गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ स्वयं आराधना व आनुष्ठानिक कार्यक्रमों के लिए उपस्थित रहेंगे।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ। - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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शिवावतार गुरु गोरखनाथ की तपस्थली गोरक्षपीठ में शारदीय नवरात्र की प्रतिपदा से जारी आनुष्ठानिक कार्यक्रम गुरुवार से और विशिष्टता की ओर अग्रसर होंगे। गुरुवार से गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अनवरत तीन दिन अनुष्ठान और आराधना में लीन रहेंगे। अष्टमी (गुरुवार) की शाम वह गोरक्षपीठ के पारंपरिक निशा पूजा में सम्मिलित होंगे। जबकि शुक्रवार को नवमी तिथि पर उनके द्वारा कन्या पूजन का अनुष्ठान किया जाएगा।

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नवरात्र की पूर्णता के बाद दशहरे के दिन गुरु गोरक्षनाथ की विशिष्ट पूजा कर गोरक्षपीठाधीश्वर, गोरखनाथ मंदिर से निकलने वाली विजयादशमी शोभायात्रा की अगुवाई करेंगे।  

शारदीय नवरात्र की प्रतिपदा को गोरक्षपीठाधीश्वर ने गोरखनाथ मंदिर के शक्तिपीठ में कलश स्थापना की थी। इसके बाद के नियमित नवरात्र पूजन के अनुष्ठान उनके प्रतिनिधि के रूप में गोरखनाथ मंदिर के प्रधान पुजारी योगी कमलनाथ द्वारा किए जा रहे हैं। अष्टमी की तिथि के मान से लेकर विजयादशमी तक गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ स्वयं आराधना व आनुष्ठानिक कार्यक्रमों के लिए उपस्थित रहेंगे।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ - फोटो : amar ujala
गोरक्षपीठाधीश्वर गुरुवार (10 अक्टूबर) को नवरात्र की अष्टमी तिथि में विधि विधान से महानिशा पूजन व हवन कर लोक मंगल की प्रार्थना करेंगे। गोरक्षपीठ में शुक्रवार (11 अक्टूबर) को पूर्वाह्न 11 बजे से मातृ शक्ति के प्रति श्रद्धा व सम्मान के प्रतीक के रूप में कन्या पूजन का अनुष्ठान होगा।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कन्या पूजन कर मातृ शक्ति के प्रति गोरक्षपीठ की परंपरा को आगे बढ़ाएंगे। गोरक्षपीठाधीश्वर नौ दुर्गा स्वरूपा नौ कुंवारी कन्याओं के पांव पखारेंगे, उनके माथे पर रोली, चंदन, दही, अक्षत का तिलक लगा विधि विधान से पूजन करेंगे। पूरी श्रद्धा से भोजन कराकर दक्षिणा व उपहार देकर उनका आशीर्वाद भी लेंगे।

इस दौरान परंपरा के अनुसार बटुक पूजन भी किया जाएगा। जबकि शनिवार (12 अक्टूबर) को गुरु गोरक्षनाथ के विशिष्ट पूजन व गोरक्षपीठाधीश्वर के तिलकोत्सव के बाद सायंकाल विजयादशमी की भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी।
 
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ। - फोटो : amar ujala
गोरखपुर के उत्सवी परंपरा का खास आकर्षण है विजयादशमी शोभायात्रा
दशहरे के दिन गोरक्षपीठाधीश्वर की अगुवाई में गोरखनाथ मंदिर से निकलने वाली विजयादशमी शोभायात्रा गोरखपुर के उत्सवी परंपरा का खास आकर्षण है। इस शोभायात्रा में सामाजिक समरसता की एक बड़ी नजीर देखने को मिलती है। इस शोभायात्रा में हर वर्ग के लोग तो शामिल होते ही हैं, इसका अल्पसंख्यक समुदाय (मुस्लिम व बुनकर समाज) के लोगों द्वारा भव्य स्वागत भी किया जाता है।

तीन पीढ़ियों से विजयादशमी शोभायात्रा का स्वागत करने वाले उत्तर प्रदेश उर्दू अकादमी के निवर्तमान चेयरमैन चौधरी कैफुलवरा बताते हैं कि दशहरे के दिन गोरखनाथ मंदिर की विजयादशमी शोभायात्रा का इंतजार तो पूरे शहर को होता है, लेकिन सबसे अधिक उत्साह अल्पसंख्यक समुदाय के उन लोगों में दिखता है।

कैफुलवरा कहते हैं कि मंदिर के मुख्य द्वार से थोड़ी दूर पर हम लोग घंटों पहले फूलमाला लेकर गोरक्षपीठाधीश्वर के स्वागत को खड़े रहते हैं। इस बार भी शोभायात्रा का भव्य स्वागत करने की तैयारी की जा रही है। वास्तव में गोरक्षपीठाधीश्वर का काफिला जब अल्पसंख्यक समुदाय की तरफ से होने वाले स्वागत के लिए जब रुकता है तो सामाजिक समरसता की तस्वीर विहंगम होती है।
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