भगवानपुर(गोरखपुर)। पीपीगंज थाना क्षेत्र के जंगल झझवा स्थित माइक्रो फाइनेंस कंपनी की शाखा में समूह ऋण से जुड़ी रकम में गड़बड़ी का मामला सामने आया है। आरोप है कि करीब 100 महिला खाताधारकों के नाम पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर 23 लाख 84 हजार 624 रुपये का गबन किया गया। मामले में डिप्टी मैनेजर की तहरीर पर पुलिस ने आठ कर्मचारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार, मेसर्स मित्रत्रा इन्क्लूसिव फाइनेंस कंपनी की शाखा के डिप्टी मैनेजर अश्वनी कुमार सिंह ने आरोप लगाया है कि शाखा में कार्यरत कर्मचारियों ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर समूह ऋण की प्रक्रिया में अनियमितता करते हुए वित्तीय गड़बड़ी की। तहरीर के मुताबिक, आरोपी कर्मचारियों ने पिछले कुछ महीनों के दौरान फर्जी अभिलेखों के जरिये ऋण वितरण और खातों में गलत एंट्री कर कंपनी को भारी आर्थिक नुकसान पहुंचाया। मामला सामने आने के बाद कंपनी स्तर पर आंतरिक जांच कराई गई, जिसमें अनियमितताओं की पुष्टि होने पर पुलिस को शिकायत दी गई।
इन पर दर्ज हुई प्राथमिकी
पीपीगंज पुलिस ने तहरीर के आधार पर मनोज कुमार, मुबारक अली, अभिनव सिंह, कुलदीप, अमन मिश्रा, सुजीत जायसवाल, प्रतिभा कुमारी और वंदना साहनी के खिलाफ धोखाधड़ी, गबन और कूटरचना से संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है। थानाध्यक्ष ज्ञानेंद्र सिंह ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी गई है। दस्तावेजों और वित्तीय लेन-देन की विस्तृत पड़ताल की जा रही है। साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।