ओमिक्रॉन के बढ़ते खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने फैसला लिया है कि सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर ओपीडी के मरीजों की एंटीजन से कोविड जांच कराई जाए। ओपीडी में आने वाले बीमार और सांस के मरीजों की प्राथमिकता के आधार पर एंटीजन से जांच करते हुए आरटीपीसीआर के लिए सैंपल भी भेजे जाएंगे। इसके लिए विभाग ने सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर एंटीजन किट भेजने का फैसला लिया है। विभाग का मानना है कि जांच का दायरा बढ़ने पर सही समय पर संक्रमण का पता चल सकेगा।
सीएमओ ने बताया कि जिला अस्पताल की ओपीडी में आने वाले मरीजों की भी कोरोना जांच का फैसला लिया गया है। इसमें ऐसे मरीजों को शामिल किया गया है, जिनमें कोरोना के संदिग्ध लक्षण हों। जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉ राजेश कुमार ने बताया कि मौजूदा समय में ओपीडी में मरीजों की संख्या बढ़ गई है। प्रतिदिन मेडिसिन विभाग की एक ओपीडी में करीब 200 के आसपास मरीज पहुंच रहे हैं। इनमें करीब 20 प्रतिशत मरीजों की कोविड जांच कराई जा रही है। अब यह संख्या और बढ़ाई जाएगी।
कोविड टीकाकरण अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग ने शुक्रवार को 227 बूथ बनाए थे। इन बूथों पर 10 हजार से अधिक लोगों को कोविड का टीका लगाया गया। छह हजार को दूसरी डोज लगाई गई। पहली डोज के लिए चार हजार से अधिक लोग आगे आए। अब जिले में टीका लगवाने वालों की संख्या 44 लाख 56 हजार से अधिक हो गई है। इनमें 26 लाख 95 हजार को पहली और 17 लाख 93 हजार को दूसरी डोज लगाई गई है। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ एनके पांडेय ने बताया कि वैक्सीन की कमी नहीं है, जो लोग अभी टीकाकरण से वंचित हैं, वह बूथों पर पहुंचकर टीका लगवा लें।