कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन से बचाव के मद्देनजर अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ने तैयारियां तेज कर दी हैं। एम्स 100 बेड का लेवल-टू और थ्री का कोविड अस्पताल बनाने जा रहा है। इसमें ऑक्सीजन से लेकर वेंटिलेटर तक की सुविधा मौजूद रहेगी।
कोरोना के नए वैरिएंट को लेकर पूरी दुनिया में दहशत है। भारत में यह वैरिएंट दस्तक दे चुका है। मुंबई से लेकर राजस्थान, केरल और कर्नाटक में कोरोना के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। इसे देखते हुए एम्स भी तैयारी जुट गया है। एम्स प्रशासन ने फैसला लिया है कि संभावित तीसरी लहर से निपटने के लिए 100 बेड के लेवल-टू और थ्री के अस्पताल बनाए जाएंगे। इसमें वेंटिलेटर से लेकर अन्य जरूरी सुविधाएं मौजूद रहेंगी।
एम्स में 300 बेड और 14 ओटी बनकर तैयार हो गए हैं। इसका लोकार्पण सात दिसंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे। इसकी तैयारियां भी एम्स में जोर-शोर से चल रही हैं।
ऑक्सीजन की नहीं होगी किल्लत
एम्स की कार्यकारी निदेशक डॉ. सुरेखा किशोर ने बताया कि एम्स में ऑक्सीजन की कोई किल्लत नहीं होने पाएगी। एम्स में दो तरह के ऑक्सीजन प्लांट लगाए गए हैं, जो काम करना शुरू कर चुके हैं। एक लिक्विड ऑक्सीजन तो दूसरा हवा से ऑक्सीजन बनाने वाला प्लांट है। 300 बेड में ऑक्सीजन पाइप भी लगाए जा चुके हैं।
दूसरी लहर में बनाए गए थे 30 बेड के कोविड वार्ड
दूसरी लहर में एम्स प्रशासन ने 30 बेड के कोविड वार्ड बनाए थे। लेकिन, इसके बनने के कुछ ही दिनों बाद कोरोना के मामले बेहद कम हो गए थे। इसकी वजह से इसका इस्तेमाल ज्यादा नहीं हो सका था।
एम्स की कार्यकारी निदेशक डॉ. सुरेखा किशोर ने बताया कि कोरोना की तीसरी लहर से पहले एम्स में 100 बेड के लेवल-टू और थ्री के कोविड अस्पताल बनाए जाएंगे। इस वार्ड में ऑक्सीजन से लेकर वेंटिलेटर तक की सुविधा मौजूद रहेगी। इसकी तैयारी शुरू कर दी गई है।