नगर निगम की गाड़ियों से तेल चोरी की घटना प्रकाश में आने के बाद नगर आयुक्त अविनाश सिंह ने पर्ची संबंधी व्यवस्था में बदलाव कर दिया है। पुरानी पर्चियों को निरस्त कर दिया गया है। नई व्यवस्था के अनुसार, अब नगर निगम के लोगो वाली नई पर्चियों पर तेल दिया जाएगा। साथ ही सफाई निरीक्षक से तेल की पर्ची लेने की व्यवस्था को तत्काल खत्म कर दिया गया है। अब जोनल अधिकारी, निर्माण विभाग, जलकल और पथ प्रकाश विभाग के अधिशासी अभियंता या सहायक अभियंता के हस्ताक्षर से ही पर्ची जारी होगी। एक दिसंबर से नई व्यवस्था पूरी तरह लागू हो जाएगी।
नगर आयुक्त अविनाश सिंह ने सोमवार को अवकाश के बाद भी नगर निगम में बैठक की। उन्होंने तेल चोरी को देखते हुए पुरानी पर्ची को निरस्त कर दिया। साथ ही पर्ची देने की व्यवस्था में भी बदलाव कर दिया। नई पर्ची प्रकाशित होने में लग रहे समय को देखते हुए नगर आयुक्त ने दो दिन के लिए पुरानी पर्ची को मान्य किया है।
हालांकि, पर्ची नई व्यवस्था में ही दी जाएगी। नगर आयुक्त ने सभी पेट्रोल पंप मालिकों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वह किसी भी हाल में नगर निगम के कर्मचारी को गैलन में तेल न दें। यदि गैलन में तेल लेना बहुत जरूरी है तो संबंधित जोनल अफसर को इसकी जानकारी दी जाएगी।
यह है मामला
नगर आयुक्त ने रविवार दोपहर एक बजे मुंशी प्रेमचंद पार्क के पास नगर निगम के स्टोर के बगल में छापा मारा था। यहां एक जीप में चार गैलन में 150 लीटर से ज्यादा डीजल जब्त किया गया था। नगर आयुक्त को देखकर नगर निगम के कर्मचारी भाग निकले थे।
नगर आयुक्त अविनाश सिंह ने कहा कि पुरानी पर्ची को निरस्त कर नई व्यवस्था बना दी गई है। सफाई, निर्माण, जलकल और पथ प्रकाश के विभागाध्यक्ष रोजाना तेल की खपत की समीक्षा कर रिपोर्ट देंगे।