गोरखपुर में अस्पताल से घर लौटते समय एक 65 वर्षीय बुजुर्ग ने सोमवार को विश्वविद्यालय चौराहे पर अचानक दम तोड़ दिया। परिजनों का कहना था कि वह कोरोना पॉजिटिव थे। प्राइवेट अस्पताल ने भर्ती नहीं किया। न ही कोविड कमांड सेंटर में बात हो पाई। कोविड कमांड सेंटर पर फोन उठते ही, जैसे पॉजिटिव बताया जा रहा है, फोन कट जा रहा है।
जानकारी के मुताबिक, पिपराइच के पिपरा बसंत निवासी देवेंद्र उपाध्याय का शहर के पुरदिलपुर स्थित एक प्राइवेट अस्पताल में डायलसिस होता था। वह अपनी पत्नी, दोनों बेटे व भतीजे विक्रांत के साथ सोमवार को डायलिसिस के लिए अस्पताल गए थे। भतीजे विक्रांत ने बताया कि वहां उनकी कोविड जांच हुई तो पॉजिटिव आए। इसके बाद अस्पताल वालों ने न तो डायलिसिस की और न ही कोविड के इलाज के लिए भर्ती किया।
देवेंद्र को साथ लेकर घरवाले शाम चार बजे के करीब यूनिवर्सिटी चौराहे पर पहुंचे। वहां सड़क किनारे पटरी पर बिठाकर बेटे व भतीजे कोविड कमांड सेंटर और अन्य जगहों पर भर्ती कराने, बेड आदि के लिए फोन पर प्रयास करने लगे। इसी दौरान देवेंद्र की मौत हो गई।
मृत देखकर उनकी पत्नी सड़क पर ही दहाड़े मारकर रोने लगीं। आसपास भीड़ एकत्र हो गई। लोग इस तरह मौत होते देख कोविड व सरकारी इंतजामों को कोसने लगे। भतीजे ने शव वाहन व एंबुलेंस को फोन किया, लेकिन शाम पांच बजे तक वह भी नहीं पहुंची। बाद में परिवार के लोग किसी तरह से शव को लेकर गए।