पहले भी मिल चुकी है जान से मारने की धमकी, एसएसपी ने दिए जांच के आदेश
गुलरिहा क्षेत्र में रहने वाले शिक्षक ने पुलिस पर लापरवाही का लगाया आरोप
गोरखपुर। दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. महबूब हसन ने व्हाट्सएप पर उर्दू में आपत्तिजनक संदेश और जान से मारने की धमकी मिलने का आरोप लगाते हुए एसएसपी डॉ. कौस्तुभ से कार्रवाई की गुहार लगाई है। एसएसपी ने सीओ गोरखनाथ को जांच कर कार्रवाई के आदेश दिए हैं।
उर्दू विभाग में तैनात डॉ. महबूब हसन वर्तमान में थाना गुलरिहा क्षेत्र के संत हुसैन नगर कॉलोनी में किराए के मकान में रहते हैं। डॉ. महबूब ने बताया कि उनको बीते 16 मार्च की रात करीब 8:11 बजे एक अज्ञात मोबाइल नंबर से व्हाट्सएप पर उर्दू भाषा में आपत्तिजनक संदेश प्राप्त हुआ। उनका कहना है कि इस संदेश से उनके आत्मसम्मान और व्यक्तिगत गरिमा को ठेस पहुंची है, जिससे वह मानसिक रूप से काफी व्यथित हैं। आरोप है कि मामले में उन्होंने 17 मार्च को थाना गुलरिहा में जनसुनवाई पोर्टल के माध्यम से शिकायत दर्ज कराई थी लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। प्रोफेसर का यह भी आरोप है कि इससे पहले भी उन्हें गुमनाम चिट्ठी के जरिये अपशब्द लिखकर जान से मारने की धमकी दी जा चुकी है। लगातार मिल रही धमकियों के कारण उन्होंने अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है। डॉ. हसन ने एसएसपी से मामले की निष्पक्ष जांच कर आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। मामला संज्ञान में आने के बाद एसएसपी ने सीओ गोरखनाथ रवि सिंह को जांच कर कार्रवाई के आदेश दिए हैं।