फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Exclusive: गोरखपुर विश्वविद्यालय व डिग्री कॉलेजों में अब छात्रसंघ चुनाव संभव नहीं, जानिए क्या है वजह

Fri, 03 Dec 2021 01:35 PM IST
vivek shukla राजन राय, गोरखपुर।

सार

गोरखपुर विश्वविद्यालय में अंतिम बार छात्रसंघ चुनाव साल 2016 में हुआ था। वर्ष 2017 में चुनाव की तिथि घोषित हुई लेकिन चुनाव के ठीक पहले दो पक्षों में मारपीट के बाद इसे स्थगित कर दिया गया।
विज्ञापन
DDU Gorakhpur - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय और डिग्री कॉलेजों में छात्रसंघ चुनाव का होना, अब संभव नहीं दिख रहा है। चुनाव के लिए लिंगदोह कमेटी ने जो सिफारिश की है, उसके मुताबिक सत्र शुरू होने के आठ सप्ताह के अंदर छात्रसंघ चुनाव संपन्न कराना होता है। इस अवधि के बाद चुनाव नहीं कराया जा सकता है। यह अवधि सितंबर में ही बीत चुकी है।

विज्ञापन


जानकारी के मुताबिक विवि व संबद्ध कॉलेज प्रशासन छात्रसंघ चुनाव कराने के मूड में नहीं दिख रहे हैं। विवि की कमेटी ने छात्रसंघ चुनाव पर जो रिपोर्ट दी है, उसपर कानूनी सलाह मांगी गई है। पूछा गया है कि लिंगदोह समिति के अनुसार चुनाव कराना उचित रहेगा या नहीं?  शासन से भी कोई स्पष्ट दिशा-निर्देश नहीं मिले हैं। ठीक इसी तरह डीएवी डिग्री कॉलेज की प्राचार्य डॉ. शैल पांडेय ने प्रॉक्टोरियल बोर्ड से सलाह मांगी है।

चुनाव की सुगबुगाहट फिलहाल कहीं किसी कॉलेज में नहीं है। विश्वविद्यालय के कुलसचिव विश्वेश्वर प्रसाद ने भी स्पष्ट कर दिया है कि छात्रसंघ चुनाव पर कॉलेज प्रबंधन को खुद फैसला लेना है। इस मामले में विश्वविद्यालय प्रशासन का कोई हस्तक्षेप नहीं रहेगा।
विज्ञापन


 

विज्ञापन

सात साल से नहीं हुआ चुनाव

गोरखपुर विश्वविद्यालय में अंतिम बार छात्रसंघ चुनाव साल 2016 में हुआ था। वर्ष 2017 में चुनाव की तिथि घोषित हुई लेकिन चुनाव के ठीक पहले दो पक्षों में मारपीट के बाद इसे स्थगित कर दिया गया। इस वर्ष छात्र नेताओं में चुनाव की उम्मीद जगी और उनकी ओर से लगातार धरना-प्रदर्शन भी होने लगा। डीएवी पीजी कॉलेज और दिग्विजयनाथ पीजी कॉलेज में छात्र नेताओं ने छात्रसंघ चुनाव कराने की मांग की है।  

गोरखपुर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राजेश सिंह ने कहा कि छात्रसंघ चुनाव के बारे में शासन से निर्देश मांगा गया है। एक कमेटी भी गठित की गई थी जिसकी रिपोर्ट पर विधिक राय मांगी गई है। सुझाव के अनुसार आगे निर्णय लिया जाएगा।

डीएवी पीजी कॉलेज प्राचार्य डॉ. शैल पांडेय ने कहा कि छात्रसंघ चुनाव के संबंध में विश्वविद्यालय के कुल सचिव का पत्र मिला है। चुनाव के बारे में अपने स्तर पर निर्णय लेना है। अब प्रॉक्टोरियल बोर्ड से सुझाव मांगा गया है।
 
डीवीएन पीजी कॉलेज के प्राचार्य डॉ. ओपी सिंह ने कहा कि लिंगदोह कमेटी के निर्णय के अनुसार अगर चुनाव की गुंजाइश बनती है तो सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा। पाठन-पाठन को डिस्टर्ब नहीं कर सकते हैं। नई शिक्षा नीति के तहत सेमेस्टर परीक्षा भी करानी है।

एमपी पीजी कॉलेज में हर वर्ष चुनाव

एमपी पीजी कॉलेज हर वर्ष छात्रसंघ चुनाव कराकर एक मॉडल प्रस्तुत कर रहा है। प्राचार्य डॉ. प्रदीप राव का कहना है कि कोरोना काल में भी हमने ऑनलाइन छात्रसंघ चुनाव कराया। इस वर्ष 30 सितंबर को चुनाव कराया गया था।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें