बैठक में उद्यमियों की समस्याओं के साथ ही अगले पांच साल के औद्योगिक विकास पर भी चर्चा हुई। डीएम ने उद्यमियों से उनकी समस्याएं पूछी। उद्यमियों ने बताया कि यहां फूड पार्क विकसित किया जाना जरूरी है। खाद्य प्रसंस्करण इकाई के रूप में फ्लोर मिल एवं राइस मिल ही हैं जबकि कई अन्य उत्पादों के लिए भी इकाइयां स्थापित हो सकती हैं। प्लास्टिक पार्क को लेकर भी चर्चा हुई। ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को लेकर उद्यमियों ने जरूरत बताई तो जीडीए उपाध्यक्ष महेंद्र सिंह तंवर ने बताया कि इसके लिए प्रस्ताव बनाया जा रहा है।
गीडा सेक्टर 13 में नए सिरे से उपकेंद्र बनाने पर मंथन
बैठक के दौरान बिजली की समस्या पर भी विस्तार से चर्चा हुई। उद्यमियों ने गीडा सेक्टर 13 के विद्युत उपकेंद्र को नए सिरे से बनाने का प्रस्ताव दिया। उद्यमियों ने बिजली की दरों को कम करने की जरूरत भी बताई। बैठक में गीडा की कार्यप्रणाली को लेकर एक बार फिर आवाज उठी।
डीएम ने सभी विभागों के अधिकारियों को उद्यमियों की समस्याओं का निस्तारण प्राथमिकता पर करने को कहा। इस दौरान चैंबर आफ इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष विष्णु अजीत सरिया, पूर्व अध्यक्ष एसके अग्रवाल, उपाध्यक्ष आरएन सिंह, भोला जायसवाल, सुमित कक्कड़ आदि उपस्थित रहे।