अब ट्रेन की कोचों में लगे पानी टंकी में पानी समाप्त होने पर सेंसर बजने लगेगा। इसके बाद अगले स्टेशन पर कोच में पानी भर दिया जाएगा। इससे रेलवे के साथ-साथ यात्रियों को भी सहूलियत होगी। सेंसर लगाने की कवायद देश भर में शुरू कर दी गई है।
अभी स्टेशनों पर मैनूअल तरीके से पानी की आपूर्ति होती है। किसी भी ट्रेन में पानी खत्म होने पर अगले स्टेशन को सूचना दी जाती है, लेकिन सेंसर लगने से चलती ट्रेन में पता चल जाएगा कि संबंधित ट्रेन में पानी समाप्त होने वाली है। इसके बाद ट्रेन के गार्ड या ट्रेन अधीक्षक अगले स्टेशन को फोन से सूचना दे देंगे।
400 लीटर की होती है टंकी
ट्रेन कोच में 400 लीटर की क्षमता वाली टंकी लगी होती है। जनरल क्लास में यात्रियों की संख्या सीटों से दोगुनी होती है। इस कारण पानी की खपत ज्यादा रहती है। पानी समाप्त होने के बाद यात्रियों को ज्यादा परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
एक मिनट में भरते हैं 100 लीटर पानी
अब बहुत सारे रेलवे स्टेशन पर पानी भरने की क्षमता को बढ़ा दिया गया है। एक मिनट में 100 लीटर पानी भर दिया जाता था। पहले 50 लीटर पानी ही भरा जाता था।