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गोरखपुर: अब रेलकर्मियों को एचआरएमएस पोर्टल पर ऑनलाइन ही मिलेंगी छुट्टियां, कार्यक्षमता में हो रहा सुधार

Tue, 26 Sep 2023 05:39 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।

सार

सीपीआरओ-पूर्वोत्तर रेलवे पंकज कुमार सिंह ने कहा कि व्यवस्था को बेहतर, पारदर्शी और दक्ष बनाने के लिए रेलवे तेजी से डिजिटल हो रहा है। रेल कर्मियों की सभी जानकारी भी एचआरएमएस प्लेटफाॅर्म पर डिजिटल रूप में उपलब्ध है। अब इस में लीव मॉड्यूल भी शुरू किया गया है।
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गोरखपुर रेलवे स्टेशन। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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रेलवे कर्मचारियों को अब अपनी छुट्टी के लिए प्रार्थनापत्र नहीं लिखना होगा। उन्हें ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट सिस्टम (एचआरएमएस) के पोर्टल पर आवेदन करना होगा। छुट्टियां इसी ऑनलाइन पोर्टल पर स्वीकृत होंगी। कर्मचारी ने इस साल अब तक किस कैटेगरी में कितनी छुट्टी ली है, यह डॉटा भी अपडेट हो जाएगा। इस सिस्टम के लागू होने पर हजारों रेल कर्मियों को छु्ट्टी के लिए वरिष्ठ अफसरों के ऑफिस के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।

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रेलवे ने दो साल पहले अपने कार्यालयों को पेपरलेस बनाने के लिए ई-ऑफिस सिस्टम लागू किया था। इसके तहत कर्मचारियों के लिए एचआरएमएस पोर्टल पर बनाया गया है। कर्मचारी का नाम, ट्रांसफर-पोस्टिंग आदि का विवरण इस पोर्टल पर अपडेट है। हर कर्मचारी को आईडी व पासवर्ड भी दिया गया है।

अब इस पोर्टल पर छुट्टी के आवेदन की नई सुविधा बढ़ाई गई है। इसके तहत आवेदक छुट्टी के लिए वैध कारण बताते हुए आवेदन करेंगे। सीनियर अफसर उस कर्मचारी की तरफ से पूर्व में लगी गई छुट्टियों को भी देख सकेंगे। आवेदन पर जो निर्णय होगा, वह भी पोर्टल पर सभी संबंधित को दिखेगा। इससे फायदा यह होगा कि कर्मचारी अपने टेबल पर काम करते हुए ही छुट्टी के लिए आवेदन कर सकेगा और वहीं आवेदन पर हुए निर्णय की भी जानकारी मिल जाएगी।
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ई-ऑफिस सिस्टम से आया बदलाव

कोरोना संकट के दौरान जब कागज से भी संक्रमण फैलने की आशंका जताई जाने लगी, तब रेलवे ने अपने सिस्टम में बदलाव करते हुए ई-ऑफिस सिस्टम को अपनाया था। इसके साथ ही ई-पोर्टल भी बनाया गया था। ई-ऑफिस सिस्टम लागू होने के बाद एक ऑफिस से दूसरे ऑफिस तक फाइलें भेजने में आसानी हो गई।

पहले गोरखपुर से लखनऊ अगर कोई फाइल जानी है तो इसके लिए एक कर्मचारी जाता था, जिसको दो दिन का टीए-डीए देना होता था। दूरी के हिसाब से समय और टीए-डीए बढ़ता जाता था। ई-ऑफिस सिस्टम लागू होने पर यह काम तत्काल होने लगा। कर्मचारी को भेजने व टीए-डीए देने की भी जरूरत नहीं पड़ रही।

सीपीआरओ-पूर्वोत्तर रेलवे पंकज कुमार सिंह ने कहा कि व्यवस्था को बेहतर, पारदर्शी और दक्ष बनाने के लिए रेलवे तेजी से डिजिटल हो रहा है। रेल कर्मियों की सभी जानकारी भी एचआरएमएस प्लेटफाॅर्म पर डिजिटल रूप में उपलब्ध है। अब इस में लीव मॉड्यूल भी शुरू किया गया है।
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