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आयुष विश्वविद्यालय के लिए अब दूसरी जगह तलाशी जा रही जमीन, जल्द भेजा जाएगा प्रस्ताव

Thu, 21 Jan 2021 08:41 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
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गोरखपुर के डीएम के. विजयेंद्र पांडियन। (फाइल) - फोटो : अमर उजाला।
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गोरखपुर के चौरीचौरा के मलमलिया की जगह अब आयुष विश्वविद्यालय की नींव दूसरी जगह पड़ेगी। मलमलिया में चिह्नित जमीन पर सीलिंग के चलते हाई कोर्ट में वाद दाखिल हो जाने से दूसरी जमीन तलाशी जा रही है। प्रशासन को सदर तहसील स्थित जंगल डुमरी नंबर दो के पास बासस्थान में मौजूद करीब 161 एकड़ जमीन पसंद आई है। प्रशासन, जल्द ही इसके लिए शासन को प्रस्ताव भेजेगा।  

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शासन ने पिछले साल ही गोरखपुर में प्रदेश का पहला आयुष विश्वविद्यालय खोलने का फैसला किया। फरवरी 2020 में मलमलिया में जमीन भी चिन्हित कर ली गई। यहां करीब 350 एकड़ जमीन थी, जिसमें से 24.29 हेक्टेयर यानी 60 एकड़ आयुष विश्वविद्यालय के नाम कर दी गई थी।

कोरोना संक्रमण काल में लॉकडाउन के बाद इलाहाबाद हाई कोर्ट खुला तो जमीन पर दावा करने वाले कुछ स्थानीय काश्तकारों ने सीलिंग के मामले को लेकर वहां वाद दाखिल कर दिया। एक फरवरी को  मामले में पहली सुनवाई होनी है।
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पहले प्रशासन ने न्यायालय में पैरवी कर वाद खत्म कराने की तैयारी की थी। लेकिन शासन की महत्वपूर्ण परियोजना होने की वजह से प्रशासन अब किसी भी तरह के असमंजस की स्थिति नहीं बनने देना चाहता। यही वजह है कि जल्द से जल्द बिना विवाद वाली जमीन तलाशने का फैसला किया गया।

शासन को पूरे मामले की जानकारी देने के साथ ही प्रशासन, पिछले तीन दिनों से जमीन की तलाश कर रहा था, जो बुधवार को बासस्थान वाली जमीन के तौर पर फिलहाल के लिए खत्म हो गई है। कोई पेंच नहीं फंसा तो यहीं पर आयुष विश्वविद्यालय बनाने पर निर्णय किया जा सकता है।
 

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नामकरण होने के साथ 10 करोड़ रुपये भी जारी हो चुके

प्रदेश कैबिनेट ने आयुष विश्विद्यालय का नाम महायोगी गुरु गोरक्षनाथ के नाम पर महायोगी गुरु गोरक्षनाथ उत्तर प्रदेश राज्य आयुष विश्वविद्यालय गोरखपुर रखा है। इसके प्रशासनिक कार्यालय के लिए सीतापुर आई हॉस्पिटल  परिसर में जगह भी मुहैया करा दी गई है। 10 करोड़ रुपये भी शासन ने जारी कर दिए हैं।

और भी विकल्प देखे जा रहे
बुधवार को डीएम के. विजयेंद्र पांडियन और ज्वाइंट मजिस्ट्रेट /एसडीएम सदर गौरव सिंह सोगरवाल ने सदर तहसील के जंगल डुमरी नंबर दो एवं टिकरिया में जमीन देखी। जंगल डुमरी नंबर दो में बासस्थान के पास 161 एकड़ जमीन चिन्हित की गई है, और भी विकल्प देखे जा रहे हैं। एक से दो दिनों में शासन को प्रस्ताव भेज दिया जाएगा। वहां से मंजूरी मिलते ही जमीन आयुष विवि के नाम कर दी जाएगी।

डीएम के. विजयेंद्र पांडियन ने कहा कि आयुष विश्वविद्यालय का लोकेशन मलमलिया से दूसरी जगह शिफ्ट किया जाएगा। उस जमीन पर हाईकोर्ट में सीलिंग को लेकर वाद दाखिल कर दिया गया है। निर्माण में किसी तरह की दिक्कत न आए इसलिए नई जमीन की तलाश सदर तहसील क्षेत्र में की जा रही है। बासस्थान के पास जमीन चिन्हित की गई है। जल्द ही इसे आयुष विश्वविद्यालय के नाम कर दिया जाएगा।  


 
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