किसी ने मानचित्र पास कराए बिना भवन का निर्माण करा लिया है या पास मानचित्र के विपरीत निर्माण कराया है तो उसे निर्माण नियमित कराने के लिए शमन (कंपाउंडिंग) करानी पड़ती है। इसके लिए शमन मानचित्र ऑफलाइन दाखिल करने की व्यवस्था है। इस व्यवस्था में कभी-कभी भ्रष्टाचार की भी शिकायतें मिलती हैं तो वहीं समय से निस्तारण नहीं होने को लेकर भी शिकायतें आती हैं। इन्हीं वजहों से शासन ने शमन मानचित्र भी ऑनलाइन प्रणाली से ही निस्तारित करने की तैयारी शुरू की है।
पहले अधिकारियों फिर आर्किटेक्ट को प्रशिक्षण
एक अगस्त की सुबह 11 बजे से दोपहर एक बजे तक गोरखपुर, बस्ती और अयोध्या प्राधिकरण के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को प्रशिक्षित किया जाएगा। दोपहर बाद दो से शाम चार बजे तक आर्किटेक्ट एवं इंजीनियर को प्रशिक्षित किया जाएगा। जीडीए उपाध्यक्ष ने सभी अधिकारियों, कर्मचारियों, जीडीए से संबद्ध आर्किटेक्ट व अभियंताओं को प्रशिक्षण में शामिल होने का निर्देश दिया है।
जीडीए उपाध्यक्ष प्रेम रंजन सिंह ने कहा कि शमन मानचित्र की व्यवस्था भी अब पूरी तरह से ऑनलाइन करने की तैयारी है। इसके लिए एक अगस्त को तीन प्राधिकरणों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की कार्यशाला होगी। नई व्यवस्था से और सुधार होने की उम्मीद है। लोगों के आवेदन समय से निस्तारित होंगे, प्राधिकरण की भी आय बढ़ेगी।