कानपुर के कारोबारी मनीष गुप्ता की हत्या के केस की सुनवाई अब दिल्ली के सीबीआई कोर्ट में होगी। शनिवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए लखनऊ की विशेष कोर्ट में अभियुक्तों की पेशी हुई। सभी की न्यायिक अभिरक्षा 14 फरवरी तक बढ़ा दी गई है।
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इसके बाद ही कोर्ट ने मुकदमे का ट्रायल सीबीआई दिल्ली को स्थानांतरित कर दिया। अगली सुनवाई वहीं होगी। केस को दिल्ली में चलाए जाने के लिए मनीष गुप्ता की पत्नी मीनाक्षी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की थी।
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, 28 सितंबर 2021 की रात में तारामंडल रोड स्थित होटल कृष्णा पैलेस में पुलिस की पिटाई से मनीष गुप्ता की मौत हो गई थी। 29 सितंबर को मनीष की पत्नी मीनाक्षी की तहरीर पर रामगढ़ताल थाने में इंस्पेक्टर जेएन सिंह, दारोगा अक्षय मिश्र, राहुल दुबे, विजय यादव, मुख्य आरक्षी कमलेश यादव और आरक्षी प्रशांत पर हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया था।
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शासन के आदेश पर दो अक्तूबर से मामले की विवेचना, कानपुर की एसआईटी ने शुरू कर दी। पत्नी ने इस पर आपत्ति जताई और फिर प्रदेश सरकार की सिफारिश पर दो नवंबर को केस सीबीआई में स्थानांतरित हो गया।
विवेचना पूरी कर सात जनवरी को सीबीआई के विवेचक ने लखनऊ की विशेष कोर्ट में सभी आरोपितों को समान आशय से हत्या करने और साक्ष्य मिटाने का दोषी मानते हुए, आरोप पत्र दाखिल कर दिया था। इसके बाद केस स्थानांतरित नहीं होने पर जेल प्रशासन ने पत्र लिखा था। शनिवार को सभी अभियुक्तों की पेशी हुई। अब सभी की अगली पेशी दिल्ली की सीबीआई कोर्ट में होगी।