परिवहन विभाग में वाहनों के फिटनेस जांच के नाम पर सिर्फ खानापूरी होती है। वाहन कहीं भी हो लेकिन उनका फिटनेस प्रमाण पत्र आसानी से बन जाता है। फिटनेस प्रमाण पत्र प्राप्त कर अनफिट वाहन भी सड़कों पर फर्राटा भरते हैं और हर पल दुर्घटना को दावत देते हैं।
गोरखपुर सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी श्याम लाल ने कहा जनवरी से ‘एम वाहन एप’ के माध्यम से वाहनों के फिटनेस की जांच होगी। इसको लेकर शासन ने दिशा-निर्देश जारी कर दिया है। इससे व्यवस्था पारदर्शी बनेगी। प्रक्रिया भी सरल हो जाएगी।