नमाज पढ़ते मुस्लिम बंधु। (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला।
गोरखपुर-बस्ती मंडल के मुसलमानों के लिए तहरीक पासबाने अहले सुन्नत रसूलपुर ने नई जंत्री तैयार की है। जिसके जरिए नमाज व रोजा का सही समय पता चल सकेगा। इसमें महीना व दिन का विवरण मिलेगा, सूरज निकलने-डूबने का वक्त भी आसानी से पता चल सकेगा।
एक साल की मेहनत से तैयार की गई यह जंत्री सैकड़ों सालों तक काम आएगी। इस पर अलजामियतुल अशरफिया मुबारक यूनिवर्सिटी के उलेमा-ए-किराम के तस्दीक की मुहर लग गई है। 15 जनवरी को जामा मस्जिद रसूलपुर में उलेमा-ए-किराम इसका विमोचन करेंगे।
इसको तैयार करने में तहरीक के मुफ्ती खुश मोहम्मद मिस्बाही, मौलाना जहांगीर अहमद अजीजी, मौलाना रजीउल्लाह मिस्बाही व मो. शाकिब खान आदि ने मुख्य भूमिका रही है।
इमाम सुब्हानिया जामा मस्जिद तकिया कवलदह के मौलाना जहांगीर अहमद अजीजी ने कहा कि सैकड़ों सालों से नमाज का समय और माह-ए-रमजान में रोजे के लिए सहरी व इफ्तार का समय जानने के लिए दाइमी जंत्री का उपयोग किया जा रहा है। तहरीक ने मौजूदा समय के साथ नई जंत्री की जरूरत महसूस की। सालभर तक नई जंत्री पर काम किया।
मुफ्ती अख्तर हुसैन मन्नानी (मुफ्ती-ए-शहर) ने कहा कि नई जंत्री तैयार करना नौजवान उलेमा-ए-किराम की बहुत अच्छी कोशिश है। पुरानी जंत्री में जो कमियां थी उसे इसमें दूर किया गया है। इसमें गोरखपुर-बस्ती मंडल जिलों का विशेष ख्याल रखा गया है।
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