गोरखपुर शहर में ऑटो और ई-रिक्शा से सफर करना अब लोगों के लिए सुरक्षित होगा। क्योंकि, परिवहन विभाग के पास सभी ऑटो व ई-रिक्शा का ब्यौरा होगा। इसके लिए परिवहन विभाग चालकों का सत्यापन कर उन्हें यूनिक आईडी जारी कर रहा है। महानगर में करीब छह हजार ऑटो और ई-रिक्शा का संचालन हो रहा है।
पुलिस, यातायात या परिवहन विभाग के पास ऑटो और ई-रिक्शा संचालकों की कोई जानकारी नहीं थी। यातायात व्यवस्था को लेकर नौ अगस्त को एडीजी अखिल कुमार की अध्यक्षता और कमिश्नर अनिल ढींगरा के साथ पुलिस, परिवहन और यातायात विभाग के जिम्मेदारों की बैठक हुई।
बैठक में तय हुआ था कि महानगर की 16 किलोमीटर की परिधि में चलने वाले ऑटो और ई-रिक्शा चालकों का सत्यापन करने के साथ ही उन्हें यूनिक आईडी जारी की जाएगी। इसके बाद परिवहन विभाग ने 17 अगस्त से अभियान की शुरुआत की। इसमें ऑटो और ई-रिक्शा चालकों के आधार, ड्राइविंग लाइसेंस, गाड़ी से संबंधित दस्तावेज की जांच कर उन्हें यूनिक आईडी जारी की जा रही है। ये अभियान 31 अगस्त तक चलेगा।