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मनीष हत्याकांड: अब चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी में सीबीआई, गिरफ्तारी के 90 दिन में करना होता है ये काम

Sat, 25 Dec 2021 08:51 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।

सार

आरोप पत्र दाखिल करने के लिए 90 दिन का समय दिया जाता है। अगर तय समय में आरोप पत्र दाखिल नहीं किया गया तो इसका लाभ आरोपियों को मिलता है।
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मृतक कारोबारी मनीष गुप्ता। (फाइल) - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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कानपुर के कारोबारी मनीष गुप्ता की हत्या की जांच कर रही सीबीआई अब चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी में है। माना जा रहा है कि अगली पेशी से पहले चार्जशीट दाखिल करके ही जांच एजेंसी गोरखपुर आएगी। दरअसल, आरोपी के गिरफ्तारी के 90 दिन के भीतर चार्जशीट दाखिल करना होता है।

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इसी वजह से सीबीआई जांच को अंमित रूप देने में जुटी है। चार्जशीट दाखिल होने के बाद आरोपी पुलिस कर्मियों को गोरखपुर जेल से ट्रांसफर किया जाएगा। जिस कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल होगा, वहीं की जेल में आरोपियों को रखा जाएगा।

जानकारी के मुताबिक, 27 सितंबर की रात में मनीष की मौत हुई थी। दो नवंबर को सीबीआई ने जांच अपने हाथों में लिया था। केस में पहली गिरफ्तारी 8 अक्तूबर को इंस्पेक्टर जेएन सिंह व चौकी इंचार्ज रहे अक्षय मिश्रा की हुई थी।
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इसके बाद दरोगा राहुल दुबे, विजय यादव, हेड कांस्टेबल कमलेश यादव व कांस्टेल प्रशांत कुमार की गिरफ्तारी हुई थी। जानकारों का कहना है कि हत्या के मामले में आरोप पत्र दाखिल करने के लिए 90 दिन का समय दिया जाता है। अगर तय समय में आरोप पत्र दाखिल नहीं किया गया तो इसका लाभ आरोपियों को मिलता है।

यही वजह है कि सीबीआई को 90 दिन के अंदर ही अपनी चार्जशीट दाखिल करनी है। आरोपियों की अगली पेश छह जनवरी को है। ऐसे में यह माना जा रहा है कि सीबीआई अपनी चार्जशीट दाखिल करने के बाद ही गोरखपुर आएगी।
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