विश्वविद्यालय ने दोनों वैकल्पिक विषयों के लिए क्रेडिट अंक का निर्धारण भी किया है। प्रत्येक विषय के लिए विद्यार्थियों को तीन-तीन क्रेडिट अंक मिलेंगे। यदि विद्यार्थी एनएससी को वैकल्पिक विषय के रूप में चुनता है तो उसमें मिले क्रेडिट अंक उसकी मार्कशीट में दर्ज किए जाएंगे।
एमएमएमयूटी के कुलपति प्रो. जेपी पांडेय ने कहा कि पूरा विश्वास है कि एनसीसी को वैकल्पिक विषय के रूप में अधिक से अधिक छात्र स्वीकार करेंगे। इससे विश्वविद्यालय का अनुशासन और बेहतर होगा, साथ ही परिसर की कार्यप्रणाली में भी गुणात्मक सुधार आएगा। अगले सत्र से ही यह नई व्यवस्था लागू कर दी जाएगी।