जल्द ही अंग्रेजों के जमाने का गजेटियर बदल जाएगा। अब जिले के नए गजेटियर का प्रकाशन होगा। इसके लिए डीएम की अध्यक्षता में 17 सदस्यीय कमेटी बनाई गई है। इस कमेटी में शामिल सदस्यों की ओर से उपलब्धियों की जानकारी दी जाएगी। नए गजेटियर में आजादी के बाद से अब तक के सामाजिक-आर्थिक और भौगोलिक बदलाव को शामिल किया जाएगा। साथ ही यहां की ऐतिहासिक विरासतों की जानकारी भी दर्ज होगी।
सरकार की ओर से आजादी के अमृत काल में हर जिले ने अपना नया गजेटियर बनाने का निर्णय लिया है। विशेष सचिव उत्तर प्रदेश शासन ने 28 अगस्त 2023 को नया जिला गजेटियर तैयार करने के निर्देश दिए थे। शासन के निर्देश पर जिला गजेटियर समिति बनाई गई। समिति इसका प्रारूप तैयार कर रही है।
डीएम इस कमेटी के अध्यक्ष बनाए गए हैं। सदस्य के रूप में एसएसपी, सीडीओ, जिला एवं सत्र न्यायाधीश की ओर से नामित अपर जिला न्यायाधीश, डीएफओ के अलावा अन्य विभागाें से 12 अधिकारियों को शामिल किया गया है।
कलक्ट्रेट के जानकारों के अनुसार, यह समिति जिले के भूगोल से लेकर इतिहास, मौसम, प्राकृतिक संसाधन, उद्योग, पर्यटन, बैंकिंग कला-साहित्य व संस्कृति, धर्म और अपराध, न्याय और प्रशासन, खेती, अर्थ व्यवस्था सहित तमाम महत्वपूर्ण पहलुओं का अध्ययन करके गजेटियर तैयार कराएगी। गजेटियर जिले का सरकारी दस्तावेज है। इसे सबसे प्रामाणिक माना जाता है। इसमें जिले से संबंधित सभी प्रकार की जानकारी होती है।
नए गजेटियर में दर्ज होगा गोरखपुर का बदलाव
जानकारों का कहना है कि गोरखपुर का गजेटियर अंग्रेजों के जमाने का है। इसके बाद से जिले में तमाम बदलाव आए हैं। गजेटियर प्रकाशन का एक बड़ा उद्देश्य सरकार की योजनाओं को रिकाॅर्ड में सहेजना है। नया गजेटियर संपूर्ण मार्गदर्शिका होगी। इसमें जिले की अहम उपलब्धियों और गतिविधियों को दर्ज किया जाएगा। इससे वर्तमान और भावी पीढ़ी को नई जानकारियां मिलेंगी।
शोध से जुड़े विद्यार्थियों के अध्ययन में आसानी होगी। नए गजेटियर में कई बदलाव होंगे। इसमें जिले की भौगोलिक स्थिति और प्राकृतिक सीमाओं के अलावा क्षेत्रफल के साथ ही जनसंख्या का वर्णन होगा। नए बने कॉलेज, विश्वविद्यालय, नगर पंचायतें, ब्लॉक, स्कूल, फोरलेन, सिक्सलेन, फसलों का रकबा घटने और बढ़ने सहित अन्य बदलाव शामिल होंगे। नए गजेटियर में नया नक्शा होगा। इससे जिले के बारे में आसानी से जानकारी मिल सकेगी। इसमें ऐतिहासिक महत्व की चीजें भी शामिल की जाएंगी।
डीएम कृष्णा करुणेश ने कहा कि गजेटियर अंग्रेजों के जमाने का है। अब बहुत से बदलाव हो चुके हैं। नए गजेटियर में उन बदलावों के साथ ही छूटे हुए ऐतिहासिक महत्व सहित अन्य तथ्यों को शामिल किया जाएगा। दो महीने में नया गजेटियर तैयार हो जाएगा।