फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अब रेलवे की लाइब्रेरी में किताबें और पत्रिकाएं भी होंगी ऑनलाइन, ऐसे उठा सकते हैं लाभ

Thu, 02 Jul 2020 07:25 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।

सार

  • 80 हजार में से 35 हजार पुस्तकों के कैटलॉग ऑनलाइन हुए
  • एनआईसी से जोड़कर सुविधाएं उपलब्ध कराने पर चल रहा काम
विज्ञापन
Library
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

पूर्वोत्तर रेलवे मुख्यालय की लाइब्रेरी में जल्द ही किताबें एवं पत्रिकाएं भी ऑनलाइन उपलब्ध होंगी, जिसका उपयोग सदस्य आईडी एवं पासवर्ड के माध्यम से कर सकेंगे। डिजिटिलाइजेशन का काम तेजी से चल रहा है।

विज्ञापन


लाइब्रेरी में मौजूद 80 हजार पुस्तकों में 35 हजार पुस्तकों के कैटलॉग ऑनलाइन हो चुके हैं और किताबों को ईश्यू करने की प्रक्रिया व मेंबरशिप भी ऑनलाइन कर दी गई है। करीब 60 वर्ष पूर्व इस लाइब्रेरी की स्थापना की गई थी। अब ई-लाइब्रेरी के रूप में इसे नया स्वरूप दिया जा रहा है।

17 सितंबर 2019 को तत्कालीन महाप्रबंधक ने ऑनलाइन प्रक्रिया का शुभारंभ किया था। एनईआर के सीपीआरओ पंकज कुमार सिंह ने बताया कि भावी योजना के तहत यहां आडियो-विजुअल सुविधा, पत्रिकाओं की नेट पर उपलब्धता, पुस्तकों की खरीददारी भी ऑनलाइन की जाएगी। इस लाइब्रेरी को नेशनल इंफारमेशन सेंटर (एनआईसी) के क्लाउड से जोड़ने तथा उसके सर्वर के माध्यम से सुविधाएं उपलब्ध कराने का काम चल रहा है।

विज्ञापन
Trending Videos
विज्ञापन

हर विधा की हैं पुस्तकें

लाइब्रेरी में तकनीकी पुस्तकों के साथ ही रेल कर्मचारियों के ज्ञानवर्धन के लिए साहित्य, धर्म, दर्शनशास्त्र, यात्रा साहित्य, इतिहास तथा विज्ञान आदि विषयों की पुस्तकें हैं। इसके अलावा पत्रकारिता, भौतिक, इंजीनियरिंग, प्रौद्योगिकी, कृषि विज्ञान, चिकित्सा शास्त्र, औषधि विज्ञान, ललित कला, प्रबंधन कला, शिक्षाशास्त्र व समाजशास्त्र और न्याय शास्त्र सहित अनेक विषयों पर भी पर्याप्त पुस्तकें हैं। वाचनालय भी बड़ा है और अनेक प्रकार की पत्र-पत्रिकाएं एवं समाचारपत्र पढ़ने के लिये उपलब्ध रहते हैं।

कभी यहां थी मोबाइल लाइब्रेरी
पूर्वोत्तर रेलवे में कभी मोबाइल लाइब्रेरी भी हुआ करती थी। रेल के एक कोच में लाइब्रेरी स्थापित की गई थी, जो प्रमुख स्टेशनों पर कुछ दिनों के लिये रुकती थी ताकि स्टेशन स्टाफ और लाइन पर कार्य करने वाले कर्मचारियों की पढ़ने-पढ़ाने की रुचि को बढ़ाया जा सके। निश्चित अवधि के बाद यह मोबाइल लाइब्रेरी किसी भी गाड़ी में अटैच कर दूसरे स्टेशन पर भेज दी जाती थी।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें