नेशनल काउंसिल ऑफ टीचर एजुकेशन (एनसीटीई) की उत्तर क्षेत्रीय समिति ने, दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के बीएड व एमएड पाठ्यक्रम सहित उससे संबद्ध छह महाविद्यालयों की बीएड की मान्यता समाप्त करने के लिए नोटिस जारी की है।
एनसीटीई ने विश्वविद्यालय और कॉलेजों पर रेग्युलेशन-2014 के नियमों का पालन न करने का आरोप लगाया है। नोटिस का जवाब नहीं मिलने पर एनसीटीई विश्वविद्यालय और सभी सात कॉलेजों की मान्यता समाप्त कर सकता है।
बीएड का पाठ्यक्रम दो वर्ष करने के बाद एनसीटीई ने मान्यता देने के नियमों में बदलाव करते हुए रेग्युलेशन-2014 जारी किया। सभी कॉलेजों को इन नियमों को पूरा करने के लिए 31 अक्तूबर 2015 का समय दिया गया था। लेकिन तय वक्त पर कॉलेज मानदंड पूरा नहीं कर सके। इस पर एनसीटीई ने फिर से छह महीने का समय दिया।
इसके बाद भी विश्वविद्यालय और कुछ महाविद्यालय एनसीटीई के रेग्युलेशन-2014 का पालन नहीं कर सके। इसपर एनसीटीई ने सेक्शन-17 के तहत नोटिस जारी किया है। सेक्शन-17 के अनुसार यदि एनसीटीई विश्वविद्यालय और कॉलेज के जवाब से संतुष्ट नहीं होता है तो मान्यता समाप्त कर दी जाएगी।