गोरखपुर में जाली नोटों के साथ पकड़े गए त्रिभुवन सिंह के घर मंगलवार को कोतवाली पुलिस ने कुर्की का नोटिस चस्पा कर दिया। पुलिस ने इलाके में मुनादी कराके लोगों को बताया कि त्रिभुवन कई मामलों में आरोपी है। वह माफिया परवेज टांडा का साथी है।
चिलुआताल के काजीपुर गांव के मूल निवासी त्रिभुवन को तिवारीपुर पुलिस और क्राइम ब्रांच ने दो साल पहले जाली नोट के साथ पकड़ा था। बाद में कोतवाली पुलिस ने गैंगस्टर की कार्रवाई की थी। जमानत पर रिहा होने के बाद से ही वह फरार चल रहा है।
जानकारी के मुताबिक, त्रिभुवन सिंह व उसके साथी यूनिश को पुलिस ने 18 मार्च 2018 को नार्मल टैक्सी स्टैंड के पास गिरफ्तार किया था। तब 28 हजार रुपये के जाली नोट, दो पिस्टल, एक रिवाल्वर, दो तमंचा, 30 कारतूस और फर्जी ड्राइविंग लाइसेंस मिला था।
पूछताछ में पता चला कि त्रिभुवन नेपाल से नकली नोट लाकर पूर्वांचल में खपाता था। तिवारीपुर के सूर्य विहार कॉलोनी में वह किराए पर कमरा लेकर रहता था। इस मामले में कोतवाली पुलिस ने 15 अप्रैल 2019 को त्रिभुवन और उसके साथी कोतवाली के नक्की रोड निवासी यूनिश और दानिश के खिलाफ गैंगस्टर की कार्रवाई की थी। पुलिस का दबाव पड़ने पर यूनिश व दानिश ने कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया, बाद में जमानत पर छूटने पर वह भी फरार हो गया।
इंस्पेक्टर कोतवाली जयदीप वर्मा ने बताया कि त्रिभुवन पर 23 मुकदमे दर्ज हैं। कुशीनगर जिले के कसया में हत्या और साजिश रचने, गोरखनाथ, तिवारीपुर, कैंट और चिलुआताल थाने में भी हत्या, लूट, डकैती और धमकी देने आदि के मुकदमे दर्ज हैं। उसके घर कुर्की का नोटिस चस्पा किया गया है।