गोरखपुर जिले में 20 हजार कोविड विजेता होने के बाद भी प्लाज्मा डोनर नहीं मिल रहे हैं। प्लाज्मा के लिए संक्रमित महिला के परिजन बुधवार को पूरे दिन परेशान रहे। लेकिन उन्हें एक भी डोनर नहीं मिला। किसी तरह अपने परिचित को लेकर बीआरडी पहुंचे तो पता चला कि वह प्लाज्मा देने के लिए फिट नहीं है। जबकि डॉक्टरों ने 24 घंटे का समय दिया है। इस बीच अगर प्लाज्मा मिल गया तो मरीज की जान बचाई जा सकती है।
जानकारी के मुताबिक देवरिया की रहने वाली एक 45 वर्षीय महिला कोरोना संक्रमण का शिकार हो गई। देवरिया से महिला को गंभीर हाल में बीआरडी मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। जहां पर मंगलवार को महिला को भर्ती कराया गया। इसके बाद इलाज शुरू हुआ। इस बीच हालत ज्यादा बिगड़ गई तो डॉक्टरों ने प्लाज्मा थेरेपी देने का निर्णय लिया।
इस पर मरीज के परिजनों को यह जानकारी दी गई कि प्लाज्मा डोनर ढूंढकर लाएं, जिससे की प्लाज्मा थेरेपी की जा सके। इस पर परिजनों ने काफी प्रयास किया, लेकिन उन्हें कोई डोनर नहीं मिला। परिजनों को परिचित एक डोनर मिला। लेकिन जब उसकी जांच हुई तो पता चला कि वह प्लाज्मा डोनेट के लिए फिट नहीं है। बताया जाता है कि उसके अंदर एंटीबॉडी बनी ही नहीं। इसके बाद परिजनों ने कई लोगों से संपर्क किया, लेकिन उनके हाथ निराशा लगी है।