एनेक्सी भवन में चिकित्साधिकारियों के साथ बैठक करते नोडल अधिकारी, डीएम व अन्य।
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गोरखपुर जनपद के नोडल अधिकारी एवं अपर मुख्य सचिव चीनी उद्योग एवं गन्ना विकास तथा आबकारी विभाग संजय आर. भूसरेड्डी ने रविवार को सीएचसी एवं पीएचसी के चिकित्साधिकारियों के साथ बैठक की।
उन्होंने कहा कि रैपिड रिस्पांस टीम प्रतिदिन क्षेत्र में जाएं और कम से कम 10 मरीजों की जांच अवश्य करें। साथ ही प्रतिदिन की रिपोर्ट एमवाईसी को उपलब्ध कराए। सभी एमवाईसी भी कोरोना मरीजों की पूरी जानकारी एवं रिपोर्ट अपने पास रखें।
एनेक्सी भवन सभागार में आयोजित बैठक में नोडल अधिकारी ने कहा कि सभी चिकित्सालयों में कोविड हेल्प एवं फ्लू डेस्क बनाएं। उन्होंने घर-घर सर्वे पर जोर देते हुए कहा कि लोगों को जागरूक करें। गंभीर बीमारी वाले लोगों की पहचान कर तत्काल जांच कराई जाए। अस्पताल में दवा की कमी न होने पाए। जब 10 प्रतिशत दवा शेष रहे, तभी दवा मंगा लें।
बैठक में जिलाधिकारी के. विजयेंद्र पांडियन ने डाक्टरों द्वारा पूछे गए सवालों का जवाब देते हुए कहा कि लोगों की जान बचाना हमारी प्राथमिकता है, जिसमें सभी का सहयोग जरूरी है। इस मौके पर सीडीओ इंद्रजीत सिंह, अपर निदेशक स्वास्थ्य जेएम त्रिपाठी, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. नंद कुमार समेत सभी सीएचसी एवं पीएचसी के चिकित्साधिकारी मौजूद रहे।
होम आइसोलेशन में रह रहे लोगों को रोज दो बार करें फोन
नोडल अधिकारी एसआर भूसरेड्डी ने कहा कि होम आइसोलेशन में रह रहे लोगों को रोज दो बार फोन कर उनके स्वास्थ्य संबंधी जानकारी लें। स्वास्थ्य ठीक न होने पर तत्काल कोविड अस्पताल में शिफ्ट किया जाए। उन्होंने अपर मुख्य चिकित्साधिकारी को निर्देश दिया कि सभी आशा एवं एएनएम को सैनिटाइजर उपलब्ध कराया जाए।