गोरखपुर। अंतरराज्यीय असलहा तस्करी नेटवर्क के मामले में एक आरोपी को जमानत मिल गई है, जबकि मुख्य आरोपी श्रेयांश यादव के भाई समेत 16 आरोपी अब भी फरार हैं। एसटीएफ और क्राइम ब्रांच की कार्रवाई में अब तक 15 आरोपी पकड़े जा चुके हैं।
फरार लोगों में एक दरोगा का बेटा और पीएसी का वह सिपाही भी शामिल है, जिस पर हत्या कराने के लिए डेढ़ लाख रुपये में चार पिस्टल खरीदने का आरोप है। पुलिस अब तक इन पिस्टलों को बरामद नहीं कर सकी है। एसटीएफ की गोरखपुर इकाई और क्राइम ब्रांच ने 14 सितंबर को कैंट क्षेत्र में विंध्यवासिनी पार्क के पास कार्रवाई कर श्रेयांश यादव समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया था। उनके कब्जे से चार पिस्टल, मैगजीन, एक रिवाल्वर और कारतूस बरामद हुए थे।
पूछताछ में हरियाणा और मध्य प्रदेश से असलहे लाकर पूर्वांचल में आपूर्ति किए जाने की जानकारी सामने आई थी। इसके बाद जांच के दौरान अन्य आरोपितों के नाम सामने आए और गिरफ्तारियों का सिलसिला आगे बढ़ा। जांच में सामने आया था कि पीएसी सिपाही ने हत्या कराने के लिए डेढ़ लाख रुपये में चार पिस्टल खरीदी थी। उसकी लोकेशन नेपाल में मिलने की जानकारी भी सामने आई थी।
हालांकि, अब तक उसकी गिरफ्तारी नहीं हो सकी है और न ही पिस्टल बरामद हुई हैं। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि असलहे किससे खरीदे गए थे और फिलहाल कहां हैं। फरार आरोपियों की तलाश के साथ असलहा आपूर्ति नेटवर्क की कड़ियां भी खंगाली जा रही हैं।
एसपी सिटी निमिष पाटील ने बताया कि मामले में छानबीन जारी है। आरोपियों के विरुद्ध साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।