12 साल तक के बच्चों की कोरोना जांच के लिए रैंडम सैंपल नहीं लिए जाएंगे। शासन से मिले निर्देश के बाद यह फैसला सीएमओ ने लिया है। निर्देश दिया है कि बच्चों की तबीयत खराब होने और उनमें लक्षण मिलने पर ही कोरोना जांच के लिए नमूने लिए जाएं। जबकि, अब तक रैंडम जांच में बच्चों, बुजुर्गों समेत सभी आयु वर्ग के लोगों को शामिल किया गया था।
सीएमओ डॉ. आशुतोष कुमार दूबे ने बताया कि 12 साल तक के बच्चों को कोराना जांच के लिए रैंडम सैंपलिंग न करने का फैसला लिया गया है। इन बच्चों की जांच तभी होगी, जब उनमें कोरोना के लक्षण जैसे सर्दी-जुकाम, बुखार, सांस फूलने जैसी दिक्कतें होंगी।
यदि परिवार में किसी व्यक्ति में कोरोना संक्रमण की पुष्टि होती है तो उस परिवार के सभी सदस्यों की एहतियात के तौर पर जांच की जाएगी। यदि घर में बच्चे शामिल होंगे तो उनकी भी जांच होगी।
617 लोगों की कोरोना जांच, रिपोर्ट निगेटिव
कोरोना संक्रमण जांच का दायरा विभाग अब बढ़ाने लगा है। बृहस्पतिवार को 617 लोगों की जांच की गई। इसमें सभी की रिपोर्ट निगेटिव आई है। वहीं, सक्रिय मरीजों की संख्या घटकर केवल एक रह गई है। एक मरीज बृहस्पतिवार को स्वस्थ हो गया है। सीएमओ ने बताया कि अगर एक से दो दिनों के अंदर केस नहीं मिलते हैं तो जिला फिर से कोरोना मुक्त हो जाएगा।