तहसील परिसर में अधिवक्ताओं के बैठने वाली जगह पर शौचालय की व्यवस्था नहीं है। नव निर्मित अधिवक्ता चेंबर के पास एक यूरिनल बना हुआ है, लेकिन गंदगी के कारण अधिवक्ता वहां नहीं जाते हैं। ऐसे में उनको मेन गेट, आबकारी कार्यालय गेट और तहसील गेट पर बने सुलभ शौचालय पर जाना पड़ता है।
इससे अधिवक्ताओं का काफी समय बर्बाद हो जाता है। तहसील परिसर में आने वाली महिलाओं और बच्चों को भी परेशानी उठानी पड़ती है। अधिवक्ताओं का कहना है कि जब एसएसपी कार्यालय था। तब वहां पर पिंक टॉयलेट की सुविधा थी। इससे महिलाओं को सहूलियत थी।
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अधिवक्ताओं ने क्या कहा?
अधिवक्ता श्रीभागवत राय ने कहा कि अधिवक्ताओं के परिसर में टॉयलेट की व्यवस्था होनी चाहिए। इसका लाभ वादकारियों को मिलेगा। दूर जाने से काफी समय गुजर जाता है। इससे वादकारियों का काम प्रभावित होता है।
अधिवक्ता रवि प्रकाश श्रीवास्तव ने कहा कि पूरे परिसर में कहीं पर भी ठंडे पानी की व्यवस्था नहीं है। तमाम अधिवक्ता जार का पानी खरीदते हैं। यहां पर जो भी वादकारी आते हैं। उनको बोतल बंद पानी खरीदना पड़ता है।
अधिवक्ता रामपल्टन ने कहा कि अधिवक्ता जहां पर विधि व्यवसाय करते हैं। वहां पर बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जानी चाहिए। इसको लेकर प्रशासन को गंभीरता से कार्रवाई करनी चाहिए।
अधिवक्ता शिवेश राय ने कहा कि डीए और एसएसपी ऑफिस था। तब ऐसी समस्या नहीं थी। उसका भवन टूटने के बाद लोग जहां-तहां निवृत्त हो रहे हैं। एक यूरिनल बना हुआ है, लेकिन गंदगी के कारण वहां कोई नहीं जाता है।